उत्कल एक्सप्रेस बनी तस्करों का ठिकाना, 7 किलो गांजा जब्त

Update: 2026-07-29 14:30 GMT

चक्रधरपुर। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने गांजा तस्करी के एक बड़े प्रयास को नाकाम करते हुए पुरी से योगनगरी ऋषिकेश जा रही उत्कल एक्सप्रेस के एसी कोच से 7 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। तस्करों ने गांजे की खेप को बेहद शातिराना तरीके से ट्रेन के ए-1 एसी कोच के बाथरूम की छत में छिपाकर रखा था। हालांकि, कार्रवाई के दौरान किसी भी तस्कर की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

जानकारी के अनुसार, ट्रेन नंबर 18477 पुरी-योगनगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस में गांजा तस्करी की सूचना ट्रेन के टीटीई को मिली थी। टीटीई ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत रेलवे सुरक्षा बल के कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ की टीम सक्रिय हो गई और ट्रेन की जांच शुरू कर दी गई।

बताया गया कि जब ट्रेन चक्रधरपुर स्टेशन पहुंची तो आरपीएफ जवानों ने ए-1 कोच की तलाशी लेने का प्रयास किया। लेकिन तलाशी पूरी होने से पहले ही ट्रेन स्टेशन से रवाना हो गई। इसके बाद चक्रधरपुर आरपीएफ ने तुरंत राउरकेला आरपीएफ को इसकी सूचना दी और संदिग्ध सामान की जांच करने के निर्देश दिए।

जैसे ही उत्कल एक्सप्रेस राउरकेला स्टेशन पहुंची, आरपीएफ की टीम ने ए-1 एसी कोच में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान जवानों को बाथरूम की छत पर संदेह हुआ। इसके बाद छत को खोलकर जांच की गई तो अंदर से भूरे रंग के प्लास्टिक में पैक किए गए गांजे के 10 पैकेट मिले।

आरपीएफ अधिकारियों ने जब इन पैकेटों को खोला और जांच की तो उसमें गांजा पाया गया। सभी पैकेटों का वजन करने पर कुल 7 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। तस्करों ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए गांजे को ऐसी जगह छिपाया था, जहां सामान्य तलाशी के दौरान आसानी से नजर नहीं आ सके।

हालांकि, आरपीएफ की कार्रवाई के दौरान गांजे को ट्रेन में रखने वाले किसी भी व्यक्ति का पता नहीं चल पाया। माना जा रहा है कि तस्कर मौका देखकर ट्रेन से उतर गए या फिर भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गए।

राउरकेला आरपीएफ ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बरामद गांजे को आगे की कार्रवाई के लिए आबकारी विभाग को सौंप दिया गया है। आरपीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान तक पहुंचाने की योजना थी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सावन महीने के दौरान गांजे की मांग बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर तस्कर ओडिशा के विभिन्न इलाकों से गांजे की खेप दूसरे राज्यों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं। इसके लिए वे अक्सर ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि लंबी दूरी की ट्रेनों में बड़ी मात्रा में सामान ले जाना आसान होता है।

रेलवे सुरक्षा बल लगातार ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर अवैध सामान की तस्करी रोकने के लिए अभियान चला रहा है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जवानों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्कल एक्सप्रेस में गांजा बरामदगी की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि तस्कर सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। हालांकि आरपीएफ की सतर्कता के कारण गांजे की यह खेप अपने गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही पकड़ ली गई। अब जांच एजेंसियां इस मामले में शामिल लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।

Tags:    

Similar News