रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को 21वें दिन भी जारी रहा। बड़ी संख्या में छात्र लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के कारण मेहनती अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ रहा है। छात्रों ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

आंदोलन कर रहे छात्रों ने अब अपने प्रदर्शन को और व्यापक बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। छात्रों ने देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘तिरंगा यात्रा’ निकालने की योजना बनाई है। उनका कहना है कि यह यात्रा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार और आम जनता तक पहुंचाने का माध्यम होगी।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी, कथित अनियमितताओं और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर लंबे समय से छात्र अपनी आवाज उठा रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। इसी वजह से उन्हें सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ रहा है।

छात्र नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के अधिकार और रोजगार के अवसरों की सुरक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन अगर परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी होती है तो उनकी मेहनत प्रभावित होती है।

प्रदर्शनकारियों ने 10 अगस्त को राज्य विधानसभा की ओर निकाले गए मार्च के दौरान हुई घटना का भी जिक्र किया है। छात्रों ने उस दौरान हुई हिंसा को लेकर दर्ज FIR पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने रांची जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और निर्दोष छात्रों पर कार्रवाई न हो।

छात्र संगठनों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रस्तावित तिरंगा यात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित करने में सहयोग किया जाए। छात्रों ने कहा कि वे राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के साथ अपनी बात रखेंगे और किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं चाहते।

वहीं, प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। राजधानी रांची में पहले से ही संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में शांति व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।

छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की है कि जिन परीक्षाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उनकी जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या उच्चस्तरीय समिति से कराई जाए। साथ ही भविष्य में होने वाली परीक्षाओं के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम हो सके।

आंदोलन के 21वें दिन भी छात्रों की संख्या में कमी नहीं आई है। प्रदर्शन स्थल पर छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

तिरंगा यात्रा को लेकर छात्रों में उत्साह देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल होंगे। वे इसे अपने संघर्ष को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाने का जरिया बता रहे हैं।

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा यह आंदोलन अब राज्य के प्रमुख मुद्दों में शामिल हो गया है। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदम और प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें रहेंगी। छात्रों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

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