श्रावणी मेला: श्रद्धालुओं के लिए बड़ा अपडेट

Update: 2026-07-03 14:59 GMT

Jharkhnad: विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर में इस वर्ष राजकीय श्रावणी मेला 31 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त (रक्षा बंधन) तक चलेगा। इस दौरान मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए स्पर्श पूजा पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्णय लिया है। कांवरिए इस अवधि में अर्घा के माध्यम से बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने मेले की तैयारियां तेज कर दी हैं। बताया गया कि 31 जुलाई से 28 अगस्त की दोपहर तक स्पर्श पूजा बंद रहेगी, जिससे भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।

पंचांग के अनुसार इस बार श्रावणी मेले की तिथियों को लेकर अंतर भी देखा जा रहा है। बांग्ला पंचांग के अनुसार मेला 17 जुलाई की संक्रांति से 17 अगस्त तक माना जाता है, जबकि राजकीय श्रावणी मेला 31 जुलाई से 28 अगस्त तक आयोजित होगा। विशेषज्ञों के अनुसार 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा और 30 जुलाई को पूर्णिमा का प्रभाव रहने के कारण 31 जुलाई से मेले का विधिवत शुभारंभ माना गया है। इस वर्ष श्रावण मास में सोमवारी व्रतों की संख्या को लेकर भी अलग-अलग पंचांगों में अंतर है। बांग्ला पंचांग के अनुसार 20 व 27 जुलाई तथा 3, 10 और 17 अगस्त को सोमवारी पड़ेगी, जबकि मिथिला पंचांग के अनुसार 3, 10, 17 और 24 अगस्त को सोमवारी रहेगी। इन तिथियों पर नाग पंचमी का संयोग होने से बाबा धाम में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना जताई गई है।

श्रावण मास में मधुश्रावणी पर्व भी 2 अगस्त से 15 अगस्त तक मनाया जाएगा। नवविवाहित महिलाएं इस दौरान पारंपरिक पूजा-अर्चना और कथा श्रवण करेंगी। 15 अगस्त को गुगुल दागने की परंपरा के साथ इसका समापन होगा। इसके बाद 17 अगस्त को मां मनसा देवी की पूजा होगी और 23 से 28 अगस्त (रक्षा बंधन) तक झूलनोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसी के साथ मासव्यापी राजकीय श्रावणी मेले का समापन होगा।

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