फ्री में होगी मेडिकल-इंजीनियरिंग की तैयारी

Update: 2026-06-27 12:24 GMT

रांची: झारखंड में आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी छात्र-छात्राओं के डॉक्टर और इंजीनियर बनने के सपने को साकार करने के लिए सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) ने एक बेहद सराहनीय कदम उठाया है। सीसीएल ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत 'सीसीएल विद्या सारथी' योजना की शुरुआत की है। इस जनकल्याणकारी योजना का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल (NEET) और इंजीनियरिंग (JEE) प्रवेश परीक्षाओं के लिए पूरी तरह से निःशुल्क (फ्री) कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि पैसों के अभाव में किसी भी बच्चे की प्रतिभा न दबे।

2028 की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए दो वर्षीय विशेष प्रशिक्षण

सीसीएल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत वर्ष 2028 में आयोजित होने वाली इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं (JEE & NEET 2028) को टारगेट किया गया है। चयनित विद्यार्थियों के लिए दो साल का एक विशेष और गहन निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। इस पूरे कोचिंग प्रोग्राम के सफल और गुणवत्तापूर्ण संचालन की जिम्मेदारी 'नेशनल कंप्यूटर एंड स्किल मिशन' को सौंपी गई है, जो छात्रों को परीक्षाओं के आधुनिक पैटर्न के अनुसार तैयार करेगी।

झारखंड में बनेंगे 10 सेंटर, 400 मेधावी छात्रों का होगा चयन

योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए पूरे झारखंड राज्य में कुल 10 अत्याधुनिक अध्ययन केंद्र (स्टडी सेंटर) बनाए गए हैं। इन केंद्रों की स्थापना के लिए प्रतिष्ठित डीएवी (DAV) विद्यालयों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है, जहां छात्रों को पढ़ाई का बेहतर माहौल मिल सके। इस दो वर्षीय कोचिंग प्रोग्राम के लिए पूरे सीसीएल कमांड क्षेत्र से कड़ी चयन प्रक्रिया के माध्यम से अधिकतम 400 सबसे मेधावी विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा।

रेगुलर स्कूल के साथ वीकेंड पर चलेंगी ऑफलाइन कक्षाएं

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे बच्चों की नियमित स्कूली शिक्षा (स्कूली पढ़ाई) पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। 'विद्या सारथी' योजना के तहत विशेष ऑफलाइन कक्षाएं मुख्य रूप से शनिवार और रविवार (वीकेंड) को आयोजित की जाएंगी। इससे छात्र सोमवार से शुक्रवार तक अपने स्कूल की बोर्ड परीक्षाओं और नियमित सिलेबस की पढ़ाई कर सकेंगे और वीकेंड पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के गुर सीख सकेंगे। यह पूरा कोचिंग कार्यक्रम छात्रों के लिए पूरी तरह से निःशुल्क होगा।

योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक योग्यता और शर्तें:

सीसीएल ने 'विद्या सारथी' योजना का लाभ सही और हकदार बच्चों तक पहुंचाने के लिए कुछ अनिवार्य पात्रता मानदंड तय किए हैं, जो इस प्रकार हैं:

पारिवारिक आय सीमा: आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के परिवार की कुल वार्षिक आय (Annual Income) 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए, ताकि आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चों को प्राथमिकता मिल सके।

शैक्षणिक योग्यता: छात्र ने इसी वर्ष (2026 में) अपनी कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की हो।

भौगोलिक दायरा: यह योजना सीसीएल के कार्यक्षेत्र के विकास के लिए है, इसलिए आवेदक का सीसीएल की किसी भी खदान (Colliery), परियोजना या प्रशासनिक कार्यालय से 25 किलोमीटर की परिधि (Radius) के भीतर का निवासी होना अनिवार्य है।

गरीब बच्चों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान

सीसीएल की इस सीएसआर पहल का छात्र संघों और स्थानीय अभिभावकों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि ग्रामीण और कोयलांचल क्षेत्रों में आज भी ऐसे सैकड़ों बच्चे हैं जो अत्यधिक प्रतिभाशाली हैं, लेकिन रांची, कोटा या दिल्ली जैसे बड़े शहरों की महंगी कोचिंग फीस वहन नहीं कर पाने के कारण वे रेस से बाहर हो जाते हैं। सीसीएल की यह 'विद्या सारथी' योजना ऐसे ही जरूरतमंद और होनहार बच्चों के सपनों को एक नई उड़ान देने और उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।

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