रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं परीक्षा में कथित मेधा घोटाला मामले में गिरफ्तार बिचौलिया बुद्धेश्वर भगत ने पूछताछ के दौरान कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। जांच एजेंसियों के सामने दिए गए बयान में उसने बताया कि परीक्षा में सेटिंग कराने का नेटवर्क धीरे-धीरे तैयार हुआ था। इस मामले में सबसे पहले रांची के धुर्वा निवासी संतोष नामक व्यक्ति से उसका संपर्क हुआ और इसके बाद एक-एक कर 24 लोग उसके संपर्क में आते गए।

जांच के अनुसार, बुद्धेश्वर भगत पर आरोप है कि उसने जेपीएससी परीक्षा में अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ दिलाने और चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए बिचौलिये की भूमिका निभाई। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि किस तरह संपर्कों का दायरा बढ़ा और परीक्षा में गड़बड़ी का नेटवर्क तैयार हुआ।

सूत्रों के अनुसार, बुद्धेश्वर भगत ने जांच अधिकारियों को बताया कि शुरुआत में संतोष के माध्यम से कुछ लोगों से बातचीत शुरू हुई। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य अभ्यर्थियों और संबंधित लोगों से संपर्क बढ़ता गया। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।

14वीं जेपीएससी परीक्षा से जुड़े इस मामले में लंबे समय से अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों को नियमों के विपरीत लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। मामले की जांच के दौरान कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं, जिसके बाद कार्रवाई तेज की गई।

बुद्धेश्वर भगत की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। पूछताछ में सामने आए नामों और जानकारियों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस कथित नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और किस स्तर तक इसकी पहुंच थी। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका इसमें थी या नहीं।

जेपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं राज्य के युवाओं के भविष्य से जुड़ी होती हैं। ऐसे में परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी के आरोप सामने आने से अभ्यर्थियों में नाराजगी और चिंता बढ़ जाती है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है।

मामले की जांच कर रही एजेंसियां अब बुद्धेश्वर भगत के बताए संपर्कों और संभावित लेन-देन की जानकारी जुटा रही हैं। संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

बताया जा रहा है कि जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि कथित सेटिंग किस तरह की गई, किन लोगों को इसका लाभ पहुंचाने का प्रयास हुआ और इसके बदले किसी तरह का आर्थिक लेन-देन हुआ या नहीं।

बुद्धेश्वर भगत के खुलासे के बाद इस मामले में नए पहलू सामने आए हैं। जांच अधिकारी अब उसके बयान की पुष्टि करने के लिए संबंधित लोगों और दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। साथ ही कॉल रिकॉर्ड, संपर्कों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।

इस मामले ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार और जांच एजेंसियों पर अब यह जिम्मेदारी है कि दोषियों तक पहुंचकर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में जांच जारी है। बुद्धेश्वर भगत के खुलासों के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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