धनबाद। कोयला नगरी धनबाद अब जल्द ही दुर्लभ और औषधीय पौधों की हरियाली से महकने वाली है। कोयला नगर स्थित निर्माणाधीन 'पवित्रम सेवा धाम' परिसर में रविवार को विशाल वृक्षारोपण अभियान के तहत एक विशेष औषधि वाटिका की स्थापना की गई। इस वाटिका में कई दुर्लभ और उपयोगी औषधीय पौधे लगाए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के साथ लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा और पारंपरिक औषधियों के महत्व से अवगत कराना है।
'पवित्रम औषधि वाटिका' के निर्माण के लिए देश के विभिन्न राज्यों से दुर्लभ औषधीय बीज मंगवाए गए हैं। इन बीजों से तैयार किए जा रहे पौधों को अब सेवा धाम परिसर में लगाया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य ऐसी वाटिका तैयार करना है, जहां लोगों को औषधीय पौधों की जानकारी मिल सके और वे इनके स्वास्थ्य लाभों को समझ सकें।
इस विशेष अभियान में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के CMD मनोज कुमार अग्रवाल भी शामिल हुए। उन्होंने अपने हाथों से कल्पतरु के पौधे लगाए। कल्पतरु को एक दुर्लभ और विशेष महत्व वाला पेड़ माना जाता है। उनके पौधरोपण के साथ ही औषधि वाटिका अभियान को और मजबूती मिली।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी, संस्था के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मिलकर विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। संस्था का कहना है कि यह वाटिका आने वाले समय में धनबाद के लोगों के लिए स्वास्थ्य और प्रकृति के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी।
पवित्रम सेवा परिवार के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद को घर-घर तक पहुंचाना है। आज की युवा पीढ़ी आधुनिक जीवनशैली के कारण पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों से दूर होती जा रही है। ऐसे में औषधि वाटिका के माध्यम से युवाओं और आम लोगों को भारतीय चिकित्सा परंपरा, औषधीय पौधों के उपयोग और उनके प्राकृतिक लाभों की जानकारी दी जाएगी।
संस्था का मानना है कि औषधीय पौधे केवल स्वास्थ्य के लिए ही उपयोगी नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाते हैं। पेड़-पौधों के संरक्षण से वातावरण शुद्ध होता है और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। 'पवित्रम औषधि वाटिका' इसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
पवित्रम सेवा परिवार पिछले कई वर्षों से आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में काम कर रहा है। संस्था की ओर से समय-समय पर स्कूलों और कॉलेजों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी कई अभियान चलाए गए हैं, जिनमें लोगों को पौधरोपण और प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाता है।
पवित्रम सेवा परिवार के कार्यकारी अध्यक्ष संजय भरतिया ने कहा कि यह औषधि वाटिका धनबाद के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य और प्रकृति का एक अनमोल उपहार साबित होगी। उन्होंने कहा कि संस्था का प्रयास है कि आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को आधुनिक समाज तक पहुंचाया जाए और विशेष रूप से युवाओं को इससे जोड़ा जाए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण और आयुर्वेद के प्रचार में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि औषधीय पौधों की जानकारी और उनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बिहार-झारखंड क्षेत्र के सद्भावना प्रमुख राकेश लाल, क्षेत्रीय सेवा प्रमुख त्रिवेणी लाल, योगेंद्र तुलस्यान, कन्हैया लाल अग्रवाल, राकेश खंडेलवाल, सेवाव्रती अजय भरतिया, भारती दुबे सहित कई सदस्य, कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
धनबाद में शुरू की गई यह औषधि वाटिका न केवल आयुर्वेद के प्रचार का माध्यम बनेगी, बल्कि लोगों को प्रकृति के करीब लाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करेगी। आने वाले समय में यह स्थान औषधीय पौधों और प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।