बदायूं। सिविल लाइंस पुलिस चौकी के पास एक साउथ इंडियन रेस्टोरेंट के बाहर दर्दनाक हादसा हो गया। यहां बर्तन धो रहे एक कर्मचारी के ऊपर पानी से भरी प्लास्टिक की टंकी अचानक गिर गई। भारी टंकी के नीचे दबने से कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर भीड़ जमा हो गई।

सूचना मिलते ही नजदीक स्थित सिविल लाइंस पुलिस चौकी से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। टंकी के नीचे दबे कर्मचारी को बाहर निकालकर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सक ने जांच के बाद कर्मचारी को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और पानी की टंकी रखने के लिए बनाई गई व्यवस्था कितनी सुरक्षित थी, इसकी जांच की जा रही है।

बर्तन धोते समय अचानक गिरी टंकी

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कर्मचारी रेस्टोरेंट के बाहर बनाई गई छोटी सी जगह पर बर्तन धो रहा था। इसी स्थान के ऊपर पानी की करीब 500 लीटर क्षमता वाली प्लास्टिक की टंकी रखी गई थी।

बताया जा रहा है कि टंकी में पानी भरा हुआ था। कर्मचारी अपना काम कर रहा था, तभी अचानक टंकी नीचे आ गिरी और वह उसकी चपेट में आ गया। टंकी का वजन अधिक होने के कारण कर्मचारी उसके नीचे दब गया।

हादसा इतनी तेजी से हुआ कि कर्मचारी को संभलने या वहां से हटने का मौका नहीं मिला। आवाज सुनकर रेस्टोरेंट के कर्मचारी और आसपास के दुकानदार मौके पर पहुंचे। इसके बाद उसे बचाने की कोशिश शुरू की गई।

मौके पर जमा हो गई भीड़

रेस्टोरेंट के बाहर टंकी गिरने की खबर फैलते ही आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटनास्थल सिविल लाइंस पुलिस चौकी के नजदीक होने के कारण पुलिस भी तुरंत मौके पर पहुंच गई।

पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से घायल कर्मचारी को वहां से निकालकर जिला अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत गंभीर थी। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने जांच की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

कर्मचारी की मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस मृतक की पहचान और उसके परिजनों से संबंधित जानकारी भी जुटा रही है।

पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर रेस्टोरेंट

जिस स्थान पर हादसा हुआ, वह सिविल लाइंस पुलिस चौकी से बेहद करीब बताया जा रहा है। पुलिस चौकी से लगभग दस मीटर की दूरी पर सपा नेता राजेश्वर सिंह का घर है और उसके बाहर दुकानें बनी हुई हैं।

इन्हीं दुकानों में साउथ इंडियन रेस्टोरेंट संचालित किया जा रहा था। घटना के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और रेस्टोरेंट में मौजूद कर्मचारियों तथा आसपास के लोगों से हादसे के बारे में जानकारी ली।

पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि पानी की टंकी किस तरह रखी गई थी और वह अचानक नीचे कैसे गिरी।

दो महीने पहले खोला था रेस्टोरेंट

जानकारी के अनुसार तमिलनाडु के मदुरै निवासी वरुण उर्फ सुनील पहले माल गोदाम रोड पर डोसा का काउंटर लगाते थे। उनका काउंटर क्रिश्चियन समाज की जमीन के बाहर संचालित किया जाता था।

बताया जा रहा है कि करीब दो महीने पहले संबंधित जमीन खाली कराए जाने के बाद वहां से उनका काउंटर हट गया था। इसके बाद उन्होंने सिविल लाइंस क्षेत्र में ‘थूंगा नागरम तमिलनाडू साउथ इंडियन’ नाम से रेस्टोरेंट शुरू किया।

रेस्टोरेंट के संचालन के लिए दुकान के बाहर उपलब्ध छोटी सी जगह का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी जगह को बर्तन धोने के लिए तैयार किया गया था।

दीवार और लकड़ी के पटलों पर रखी थी टंकी

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक रेस्टोरेंट के बाहर बर्तन धोने के स्थान के पास दीवार बनाकर उसके ऊपर लकड़ी के पटले रखे गए थे। इन्हीं पटलों के ऊपर करीब 500 लीटर क्षमता वाली प्लास्टिक की पानी की टंकी रखी गई थी।

हादसे के समय टंकी में पानी मौजूद था। 500 लीटर पानी का वजन ही लगभग 500 किलोग्राम होता है। इसमें प्लास्टिक टंकी का अपना वजन भी जुड़ जाता है। ऐसे में टंकी को संभालने वाले ढांचे का मजबूत और सुरक्षित होना बेहद जरूरी होता है।

हालांकि हादसा लकड़ी के पटले टूटने, दीवार या सहारे में खराबी आने अथवा किसी अन्य कारण से हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

टंकी की व्यवस्था की होगी जांच

पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। इसमें यह देखा जा सकता है कि टंकी किस तरह स्थापित की गई थी, उसे रखने के लिए बनाया गया आधार पर्याप्त मजबूत था या नहीं और हादसे से पहले उसमें किसी प्रकार की कमजोरी के संकेत थे या नहीं।

घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान भी महत्वपूर्ण होंगे। पुलिस रेस्टोरेंट संचालक और अन्य कर्मचारियों से भी जानकारी ले सकती है।

यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय करना जल्दबाजी होगी।

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

कर्मचारी की मौत के बाद रेस्टोरेंट में भारी पानी की टंकी को ऊंचाई पर रखने की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों के काम करने वाले स्थान के ऊपर भारी वस्तुओं को रखते समय मजबूत ढांचे और नियमित निरीक्षण की जरूरत होती है।

खासकर पानी की बड़ी टंकी का वजन भरने के बाद कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए टंकी रखने के लिए स्थायी और भार सहने योग्य प्लेटफॉर्म होना जरूरी है।

यह जांच का विषय है कि इस मामले में टंकी को रखने के लिए बनाया गया ढांचा कितना सुरक्षित था और क्या उसके रखरखाव की नियमित जांच की जाती थी।

पोस्टमार्टम से स्पष्ट होगा मौत का कारण

पुलिस ने कर्मचारी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के चिकित्सकीय कारण की पुष्टि होगी।

इसके साथ ही पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और टंकी रखने की व्यवस्था की जांच कर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश करेगी।

घटना के समय मौके पर मौजूद कर्मचारियों से यह भी पूछा जा सकता है कि टंकी कब लगाई गई थी और इससे पहले उसके आधार में किसी तरह की खराबी दिखाई दी थी या नहीं।

अचानक हुए हादसे से इलाके में सनसनी

रेस्टोरेंट के बाहर हुए इस हादसे से आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों में सनसनी फैल गई। सामान्य दिनों की तरह कर्मचारी बर्तन धोने का काम कर रहा था, लेकिन अचानक ऊपर रखी पानी की टंकी उसके लिए जानलेवा साबित हुई।

घटना के बाद कुछ देर तक मौके पर लोगों की भीड़ लगी रही। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद आवश्यक जानकारी जुटाई।

फिलहाल पुलिस जांच कर रही है कि 500 लीटर की टंकी किस वजह से नीचे गिरी। जांच में यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी या किसी स्तर पर लापरवाही के साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

इस हादसे ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। भारी उपकरण या पानी की टंकियां लगाने के दौरान मजबूत आधार और समय-समय पर उसकी स्थिति की जांच आवश्यक है। अब पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस घटना के पीछे अचानक ढांचा टूटना वजह थी या सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही हुई थी।

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