
धनबाद: झरिया स्थित डिगवाडीह में गणेश पूजा महोत्सव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पूजा आयोजन समिति को लेकर पुराने और नए गुटों के बीच चल रही खींचतान रविवार को हिंसक झड़प में बदल गई। डिगवाडीह के सर्कस मैदान में दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते पूरा मैदान रणभूमि में तब्दील हो गया। इस दौरान दोनों गुटों के बीच जमकर लात-घूंसे चले, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि, पुलिस की समझाइश और समझौते की कोशिश भी तत्काल सफल नहीं हो सकी। क्षेत्र में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
जानकारी के अनुसार, डिगवाडीह में इस वर्ष 38वां गणेश पूजा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। पूजा आयोजन को लेकर पहले से ही दो गुटों के बीच विवाद चल रहा था। रविवार को उस समय मामला बिगड़ गया, जब एक तीसरे गुट ने मैदान में पहुंचकर नई कमेटी बनाने और दोबारा भूमि पूजन करने की कोशिश की।
बताया गया कि शैलेंद्र खरवार और पूर्व मेला संचालक पवन प्रजापति के नेतृत्व में एक गुट ने आम सभा बुलाई थी। इस दौरान नई कमेटी के गठन को लेकर चर्चा की गई और सर्कस मैदान में भूमि पूजन करने का प्रयास किया गया। इसका विरोध पहले से भूमि पूजन कर चुकी पुरानी कमेटी के सदस्यों ने किया।
दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ते-बढ़ते मारपीट में बदल गई। देखते ही देखते दोनों ओर से समर्थक जुट गए और जमकर हंगामा शुरू हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
घटना के बाद दोनों पक्षों के सैकड़ों समर्थक जोरापोखर थाना पहुंच गए। वहां भी दोनों गुटों के लोगों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। एक पक्ष ने पूजा के चढ़ावे और मेले से होने वाली आय में गड़बड़ी का आरोप लगाया, जबकि दूसरे पक्ष ने विवाद पैदा करने का आरोप लगाया।
माहौल बिगड़ता देख पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को थाने से बाहर किया। बाद में स्थानीय राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को पीआर बॉन्ड पर चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
विवाद को शांत कराने के लिए डीएसपी और झरिया थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर करीब दो घंटे तक समझौता वार्ता कराई। पुलिस अधिकारियों ने दोनों गुटों से अपील की कि ऐतिहासिक गणेश पूजा महोत्सव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाए, लेकिन दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके कारण वार्ता बेनतीजा समाप्त हो गई।
वर्तमान कमेटी की ओर से अध्यक्ष जगजीवन राम, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. एमके ठाकुर, सचिव मोहन यादव, कोषाध्यक्ष उत्सव राम और संयुक्त सचिव दिनेश यादव के नेतृत्व में पूजा की तैयारियां की जा रही हैं।
विरोधी गुट का आरोप है कि वर्तमान कमेटी मेले से होने वाली लाखों रुपये की आय का सही हिसाब नहीं दे रही है। उनका कहना है कि गणेश मंदिर निर्माण के नाम पर भी कोई ठोस काम नहीं हुआ है। विरोधी गुट ने पुरानी कमेटी को भंग कर नई कमेटी बनाने की मांग उठाई है।
वहीं, वर्तमान कमेटी के अध्यक्ष और सचिव ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि कुछ लोग जानबूझकर महोत्सव में विवाद पैदा कर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि पूजा-अर्चना करना श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की जिम्मेदारी है, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अब सभी की नजर आगे होने वाली बैठकों और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि विवाद जल्द खत्म हो और गणेश पूजा महोत्सव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो।





