झारखंड

जितेंद्र कुमार की अगुवाई में नई टीम की मांग, बार काउंसिल संकट गहराया

Saba Naaz
19 July 2026 6:36 PM IST
जितेंद्र कुमार की अगुवाई में नई टीम की मांग, बार काउंसिल संकट गहराया
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झारखंड: स्टेट बार काउंसिल की नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर चल रहा विवाद अब और गहराता जा रहा है। धनबाद रविवार को राज्य की बार काउंसिल की राजनीति का केंद्र बन गया, जहां नवनिर्वाचित सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। धनबाद बार एसोसिएशन के महासचिव और झारखंड स्टेट बार काउंसिल के नवनिर्वाचित सदस्य जितेंद्र कुमार की पहल पर 19 निर्वाचित सदस्य एकजुट हुए और उन्होंने नई कार्यकारिणी के गठन में हो रही देरी पर चिंता जताई।

धनबाद के धैया स्थित आमंत्रण ग्रीन में आयोजित इस बैठक में 22 निर्वाचित सदस्यों में से 19 सदस्य शामिल हुए। करीब चार घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में बार काउंसिल की वर्तमान स्थिति, नई कार्यकारिणी के गठन में देरी और अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक का नेतृत्व और समन्वय जितेंद्र कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि निर्वाचित सदस्यों की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित हो चुकी है, इसके बावजूद अब तक प्रथम हाउस मीटिंग नहीं बुलाई गई है। उन्होंने इसे अधिवक्ताओं के हितों के विपरीत बताते हुए जल्द से जल्द बैठक बुलाने की मांग की।

जितेंद्र कुमार ने कहा कि बार काउंसिल का नियमित संचालन शुरू होना बेहद जरूरी है। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि का चुनाव शीघ्र होना चाहिए, ताकि परिषद से जुड़े कामकाज सुचारू रूप से चल सकें और अधिवक्ताओं के कल्याण से जुड़े कार्यों को गति मिल सके।

बैठक में सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को संयुक्त पत्र भेजा जाएगा। इस पत्र के माध्यम से प्रथम हाउस मीटिंग तत्काल बुलाने और नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का आग्रह किया जाएगा।

बैठक में अधिवक्ताओं के कल्याण, परिषद की भविष्य की कार्ययोजना और नेतृत्व के चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने कहा कि नई टीम के गठन में देरी से बार काउंसिल के कामकाज पर असर पड़ रहा है और अधिवक्ताओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लंबित हो रहे हैं।

बैठक में शामिल सदस्यों का कहना था कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी संभालने का अवसर जल्द मिलना चाहिए, ताकि बार काउंसिल अपने उद्देश्यों के अनुसार काम कर सके। उन्होंने अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान और कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता देने की बात कही।

इस बैठक में जितेंद्र कुमार के अलावा रिकू भगत, मौली सिन्हा, नीलेश कुमार, मनोज कुमार, मनोज कुमार तृतीय, ललित यादव, एएन चतुर्वेदी, प्रशांत सिंह, अनिल तिवारी, राजकुमार, परमेश्वर मंडल, अनिल महतो, संजय विद्रोही, अभिषेक भारती और मृत्युंजय श्रीवास्तव सहित कुल 19 निर्वाचित सदस्य मौजूद रहे।

वहीं, मीरा कुमारी, निवेदिता कुडु और मधुलता ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में भाग लिया। बैठक के दौरान धनबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने नवनिर्वाचित सदस्यों का स्वागत भी किया।

धनबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ता पंकज कुमार वर्मा, मुकुल तिवारी, सुभोध कुमार, सीतेश कुमार सिंह, डेविड और अमित सिंह ने बैठक में मौजूद सदस्यों का स्वागत किया और बार काउंसिल के सुचारू संचालन की उम्मीद जताई।

गौरतलब है कि झारखंड स्टेट बार काउंसिल अधिवक्ताओं के हितों और पेशे से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों के लिए जिम्मेदार संस्था है। ऐसे में नई कार्यकारिणी के गठन में देरी को लेकर सदस्यों में नाराजगी बढ़ रही है।

अब सभी की नजर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को भेजे जाने वाले संयुक्त पत्र और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी है। यदि जल्द प्रथम हाउस मीटिंग आयोजित होती है तो नई कार्यकारिणी के गठन का रास्ता साफ हो सकता है। वहीं, देरी जारी रहने पर बार काउंसिल के अंदर राजनीतिक खींचतान और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

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