पश्चिमी सिंहभूम में JSSC परीक्षा का हाल, 81.39% अभ्यर्थी नहीं पहुंचे

Update: 2026-07-19 15:08 GMT

चाईबासा। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से आयोजित झारखंड क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा-2024 में पश्चिमी सिंहभूम जिले में अभ्यर्थियों की बेहद कम उपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा के दौरान सामने आए आंकड़ों ने प्रशासन और परीक्षा से जुड़े अधिकारियों को भी चौंका दिया। जिले में पंजीकृत कुल 9948 अभ्यर्थियों में से केवल 1851 अभ्यर्थी ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे और परीक्षा में शामिल हुए। वहीं, 8097 अभ्यर्थी परीक्षा से अनुपस्थित रहे।

आंकड़ों के अनुसार, परीक्षा में केवल 18.61 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जबकि 81.39 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे। आसान भाषा में समझें तो पंजीकृत हर 10 अभ्यर्थियों में से करीब 8 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। इतनी बड़ी संख्या में अनुपस्थिति ने परीक्षा व्यवस्था और अभ्यर्थियों की भागीदारी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

JSSC क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा-2024 का आयोजन रविवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के 26 परीक्षा केंद्रों पर किया गया। परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सभी परीक्षा केंद्रों पर केंद्राधीक्षक, दंडाधिकारी, वीक्षक और पुलिस बलों की तैनाती की गई थी।

उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेणु के निर्देश पर परीक्षा के लिए कुल 1200 कर्मियों को तैनात किया गया था। सुरक्षा और निगरानी के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए थे। हालांकि, अभ्यर्थियों की कम संख्या के कारण कई केंद्रों पर व्यवस्था की तुलना में परीक्षार्थियों की संख्या काफी कम दिखाई दी।

स्थिति यह रही कि परीक्षा में शामिल होने पहुंचे लगभग डेढ़ अभ्यर्थियों पर एक सुरक्षाकर्मी या परीक्षा कर्मी तैनात था। इतनी कम उपस्थिति के कारण परीक्षा केंद्रों पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ नजर आई। प्रशासन ने सभी केंद्रों पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी रखी।

परीक्षा के दौरान नियमों के उल्लंघन का एक मामला भी सामने आया। चक्रधरपुर स्थित कार्मेल उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र में प्रथम पाली के दौरान एक परीक्षार्थी को परीक्षा नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में निष्कासित कर दिया गया। इसके अलावा जिले के किसी भी परीक्षा केंद्र से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

प्रशासन के अनुसार, परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। सभी केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रही और परीक्षा प्रक्रिया में किसी तरह की बड़ी समस्या सामने नहीं आई। जिला प्रशासन ने परीक्षा के सफल संचालन पर संतोष व्यक्त किया।

अधिकारियों का मानना है कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल नहीं होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें परीक्षा केंद्रों की दूरी, परिवहन सुविधाओं की कमी और आने-जाने में होने वाली परेशानियां प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। पश्चिमी सिंहभूम जैसे बड़े भौगोलिक क्षेत्र वाले जिले में कई अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती थी।

JSSC की इस परीक्षा में कम उपस्थिति का असर परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। जहां प्रशासन ने बड़ी संख्या में कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की थी, वहीं अभ्यर्थियों की संख्या काफी कम रही। इसके बावजूद प्रशासन ने पूरी तैयारी के साथ परीक्षा को सफलतापूर्वक पूरा कराया।

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन करते हैं, लेकिन कई बार परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में आने वाली समस्याओं के कारण उपस्थिति कम हो जाती है। पश्चिमी सिंहभूम में हुई यह परीक्षा भी इसी तरह की स्थिति का उदाहरण बनी, जहां हजारों पंजीकृत अभ्यर्थियों में से अधिकांश परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।

प्रशासन अब इस बात पर भी नजर रखेगा कि इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की अनुपस्थिति के पीछे वास्तविक कारण क्या रहे। भविष्य में ऐसी परीक्षाओं के दौरान अभ्यर्थियों की सुविधा और परीक्षा केंद्रों की पहुंच को बेहतर बनाने पर भी विचार किया जा सकता है।

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