Jharkhand झारखंड : मौसम को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य में मानसून की रफ्तार एक बार फिर तेज हो गई है, जिससे कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं। पिछले तीन दिनों में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जिसका असर पूरे मौसम पैटर्न पर देखने को मिला है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में पिछले तीन दिनों के दौरान औसतन करीब 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य बारिश के अनुमान से अधिक है। इस अवधि में राज्य में केवल 25.1 मिलीमीटर बारिश होनी थी, लेकिन वास्तविक बारिश इससे काफी ज्यादा रही। इससे साफ संकेत मिलता है कि मानसून फिलहाल राज्य में सक्रिय स्थिति में है।
लगातार हुई बारिश के कारण राज्य में अब तक दर्ज बारिश की कमी में भी सुधार हुआ है। पहले यह कमी 61 प्रतिशत तक थी, लेकिन ताजा बारिश के बाद यह घटकर 46 प्रतिशत पर आ गई है। यानी पिछले कुछ दिनों की अच्छी बारिश ने सूखे जैसी स्थिति को काफी हद तक कम किया है।
राज्य के कई जिलों में बारिश के चलते मौसम सुहावना हो गया है, हालांकि कुछ इलाकों में जलभराव और निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने की स्थिति भी देखने को मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने से किसानों को राहत मिली है, खासकर खरीफ फसलों की बुवाई के लिए यह बारिश काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की यह सक्रियता आने वाले दिनों में भी जारी रह सकती है। कई हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे राज्य के जलस्तर में और सुधार हो सकता है।
हालांकि, विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि बारिश का वितरण सभी जिलों में समान नहीं है, जिसके कारण कुछ क्षेत्रों में अभी भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की जा रही है। इसी वजह से राज्य में कुल मिलाकर बारिश की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
राज्य के शहरी इलाकों में बारिश के कारण कहीं-कहीं जल निकासी व्यवस्था पर दबाव देखा गया है, जबकि पहाड़ी और वन क्षेत्रों में बारिश से प्राकृतिक जल स्रोतों में सुधार हुआ है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। धान और अन्य प्रमुख फसलों की बुवाई के लिए मिट्टी में नमी बढ़ने से किसानों को राहत मिली है। हालांकि, अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में फसल सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें और वज्रपात या तेज बारिश की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहें।
कुल मिलाकर, झारखंड में मानसून की रफ्तार तेज होने से जहां बारिश की कमी में सुधार हुआ है, वहीं आने वाले दिनों में मौसम की गतिविधियां और अधिक सक्रिय रहने की संभावना है।