Jharkhand झारखंड: झारखंड के लातेहार जिले में बिजली गिरने से 45 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिसके बाद अंधविश्वासी परिवार वालों ने उसे वापस ज़िंदा करने की उम्मीद में उसके शव को गोबर के ढेर में रख दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और परिजनों को समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए सौंप दिया। महुआडांर थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि रामनाथ यादव शनिवार शाम अपनी पत्नी शोभा देवी को जानवरों को चराने के लिए खेत में ले गए थे, तभी बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कुमार के अनुसार, "परिजन रामनाथ को महुआडांर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद, वे (परिजन) पुलिस को सूचित किए बिना ही रामनाथ के शव को घर ले आए और इस अंधविश्वास में कि बिजली का प्रभाव समाप्त हो जाएगा और रामनाथ फिर से जीवित हो जाएगा, उसे गोबर के ढेर में रख दिया।"
कुमार ने बताया कि डॉक्टरों से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम रामनाथ के घर पहुँची और परिजनों से शव को पोस्टमार्टम के लिए सौंपने को कहा, लेकिन परिजन मृतक के फिर से जीवित होने की उम्मीद में रात भर इंतज़ार करने पर अड़े रहे। उन्होंने कहा, "डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी समझाने की कोशिश की कि मृत व्यक्ति का फिर से जीवित होना संभव नहीं है, लेकिन परिजन नहीं माने। अंततः रात में थोड़ी सख्ती करनी पड़ी, जिसके बाद परिजनों ने शव सौंप दिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए लातेहार सदर अस्पताल भेज दिया गया।" कुमार के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद मृतक के परिजनों को राज्य सरकार की आपदा प्रबंधन नियमावली के तहत उचित मुआवजा दिया जाएगा।