जामताड़ा में साइबर गिरोह पर शिकंजा, लॉ छात्र समेत 9 ठग गिरफ्तार

Update: 2026-07-18 08:19 GMT

जामताड़ा : झारखंड के जामताड़ा जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नौ साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पश्चिम बंगाल का एक युवक भी शामिल है, जो अपनी ससुराल में रहकर कानून (लॉ) की पढ़ाई करने के लिए आया था, लेकिन कथित तौर पर पढ़ाई की आड़ में साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़ गया।

जामताड़ा पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले कई सामान और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं। इन उपकरणों की जांच कर पुलिस ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जामताड़ा लंबे समय से साइबर अपराध के लिए कुख्यात रहा है। यहां से देश के अलग-अलग हिस्सों में फोन कॉल, फर्जी लिंक, बैंकिंग जानकारी हासिल करने और अन्य तरीकों से लोगों को ठगने के मामले सामने आते रहे हैं। इसी को देखते हुए पुलिस लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है और साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है।

जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि जिले में कुछ लोग संगठित तरीके से साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों में शामिल पश्चिम बंगाल निवासी युवक की कहानी ने पुलिस को भी हैरान कर दिया। बताया जा रहा है कि वह जामताड़ा अपनी ससुराल में रहकर लॉ की पढ़ाई करने आया था। लेकिन धीरे-धीरे वह साइबर अपराधियों के संपर्क में आ गया और कथित रूप से ठगी के काम में शामिल हो गया।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी युवक कब से इस गिरोह के साथ जुड़ा हुआ था और उसने कितनी साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया। इसके अलावा गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी आम लोगों को अलग-अलग तरीकों से निशाना बनाते हैं। वे खुद को बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या किसी प्रतिष्ठित संस्था का प्रतिनिधि बताकर लोगों से गोपनीय जानकारी हासिल करते हैं और बाद में उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लेते हैं।

जामताड़ा पुलिस की ओर से लोगों से लगातार अपील की जाती रही है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी या अन्य निजी जानकारी साझा न करें। पुलिस का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी साइबर ठगी से बचाने में मदद कर सकती है।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को उम्मीद है कि साइबर अपराध से जुड़े कई और मामलों का खुलासा हो सकता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार किन-किन राज्यों से जुड़े हैं और क्या इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों में डिजिटल जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सावधानी बरतना और संदिग्ध कॉल या मैसेज पर प्रतिक्रिया नहीं देना बेहद महत्वपूर्ण है।

फिलहाल पुलिस ने सभी नौ आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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