बड़बिल (ओडिशा): ओडिशा के क्योंझर जिले के जोड़ा खनिज अंचल में स्थित स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की बोलानी लौह अयस्क खदान से सुरक्षा में एक बेहद गंभीर और जानलेवा लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ शनिवार को खदान परिसर में रखरखाव (मैंटेनेंस) के काम के दौरान बिजली का शटडाउन होने के बावजूद अचानक 11 केवी (11 KV) हाई वोल्टेज विद्युत लाइन में करंट आ गया। इस भीषण हादसे की चपेट में आने से वहाँ काम कर रहे दो संविदा श्रमिक बेहद गंभीर रूप से झुलस गए हैं। खान प्रबंधन ने इस बड़ी लापरवाही पर त्वरित कार्रवाई करते हुए विद्युत विभाग के प्रभारी समेत दो जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। इसके साथ ही खदान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) और स्थानीय पुलिस ने मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है।
शटडाउन के दौरान हुआ हादसा, आखिर कैसे आया करंट?
मिली जानकारी के मुताबिक, यह दर्दनाक हादसा शनिवार को बोलानी खदान के सीबीआरएस (CBRS) क्षेत्र में घटित हुआ। वहाँ 11 केवी की हाई वोल्टेज विद्युत लाइन के आवश्यक रखरखाव का कार्य चल रहा था। खदान के नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत काम शुरू करने से पहले बाकायदा बिजली का शटडाउन लिया गया था, ताकि श्रमिक सुरक्षित तरीके से काम पूरा कर सकें। लेकिन जब संविदा कंपनी 'बीएलएस एंटरप्राइजेज' के अधीन कार्यरत दो श्रमिक— मणि बस्ती निवासी दीपक नायक (19 वर्ष) और शांतिनगर निवासी बबलू मुंडा (25 वर्ष) लाइन पर काम कर रहे थे, तभी अचानक तारों में हाई वोल्टेज करंट दौड़ गया। करंट इतना जोरदार था कि दोनों श्रमिक उसकी चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए और मौके पर ही चीख-पुकार मच गई।
घायलों की हालत चिंताजनक, भुवनेश्वर रेफर
हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रबंधन और साथी कर्मचारियों की मदद से दोनों गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को फौरन खदान परिसर से बाहर निकाला गया। उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद उनकी अत्यंत नाजुक और चिंताजनक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए तुरंत भुवनेश्वर के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों श्रमिकों की हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है और वे जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। इस घटना के बाद पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
त्वरित कार्रवाई: दो जिम्मेदार अधिकारी सस्पेंड
खदान के भीतर सुरक्षा के इतने बड़े प्रोटोकॉल उल्लंघन और घोर लापरवाही को देखते हुए सेल (SAIL) बोलानी खान प्रबंधन ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। शुरुआती जांच में लापरवाही सामने आने के बाद विद्युत विभाग के प्रभारी सैफुद्दीन लस्कर और हिलटॉप क्षेत्र के चार्जमैन सच्ची बेहेरा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रबंधन का मानना है कि शटडाउन के बावजूद लाइन में करंट आना एक अक्षम्य तकनीकी और प्रशासनिक चूक है, जिसने दो निर्दोष श्रमिकों की जान को खतरे में डाल दिया।
DGMS और पुलिस की टीमें जांच में जुटीं, सुरक्षा पर गंभीर सवाल
जांच का दायरा बढ़ा: इस गंभीर विद्युत हादसे के बाद स्थानीय बोलानी थाना पुलिस ने मामले की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का सघन निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य और सबूत जुटाए हैं।
इसके अतिरिक्त, भुवनेश्वर से खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) की एक विशेष तकनीकी टीम भी रविवार को बोलानी खदान पहुँची। डीजीएमएस की यह टीम इस बात की गहन और बारीक तकनीकी जांच कर रही है कि जब शटडाउन ऑन रिकॉर्ड लिया जा चुका था, तो आखिर किस स्तर पर चूक हुई कि लाइन में बिजली का प्रवाह दोबारा शुरू हो गया। क्या यह कोई मानवीय भूल थी या फिर इसके पीछे कोई बड़ी तकनीकी खराबी थी, इसका पता लगाया जा रहा है।
श्रमिक संगठनों में भारी आक्रोश, कड़ी कार्रवाई की मांग
इस दर्दनाक हादसे के बाद क्योंझर माइनिंग वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष लखनलाल ठाकुर ने सेल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर तीखे और गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि सेल जैसी महारत्न कंपनी में, जहाँ सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए, वहाँ इस प्रकार की जानलेवा लापरवाही होना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। उन्होंने मांग की है कि केवल निलंबन ही काफी नहीं है, बल्कि इस पूरे हादसे की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने हादसे के लिए असल मायने में जिम्मेदार दोषी अधिकारियों और संबंधित ठेका एजेंसी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी व आपराधिक कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी श्रमिक की जान इस तरह जोखिम में न पड़े।