हजारीबाग: बरही प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। भंडारो पंचायत के बहराबाद पांडे टोला में मंगलवार देर रात तीन जंगली हाथियों ने गांव में प्रवेश कर लोगों में दहशत फैला दी। हाथियों ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय बहराबाद को अपना निशाना बनाया और स्कूल में घुसकर मध्याह्न भोजन (एमडीएम) के लिए रखा राशन खा लिया। इसके अलावा स्कूल के कमरों, फर्नीचर और आसपास के घरों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार, हाथियों के झुंड ने स्कूल परिसर में घुसकर करीब डेढ़ क्विंटल चावल और 14 से 15 किलो आलू खा लिया। इसके बाद हाथियों ने स्कूल के एक कमरे का दरवाजा तोड़ दिया और अंदर रखी कुर्सियां, टेबल और अलमारी को क्षतिग्रस्त कर दिया। स्कूल के अन्य छह कमरों के दरवाजों को भी नुकसान पहुंचा है।
घटना के दौरान ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हाथियों के डर से लोग अपने घरों से बाहर निकलने से भी बचते रहे। इसी दौरान वार्ड सदस्य प्रतिनिधि और समाजसेवी वीरेंद्र पांडे पर एक हाथी ने हमला कर दिया। हाथी ने उन्हें सूंड से उठाकर पटक दिया, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह वहां से भागकर पास स्थित सामुदायिक भवन की छत पर चढ़ गए। इस वजह से उनकी जान बच गई।
हाथियों ने सिर्फ स्कूल ही नहीं बल्कि गांव के कई घरों और वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया। वीरेंद्र पांडे के घर के बाहर खड़ी स्कॉर्पियो को हाथियों ने कई बार धक्का मारा, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और उसकी टेल लाइट टूट गई। इसके अलावा हाथियों ने मंटू पांडे की राशन दुकान के दरवाजे को तोड़ने की कोशिश की और बम-बम कुमार पांडे के घर के मुख्य गेट को भी नुकसान पहुंचाया।
ग्रामीणों के मुताबिक, हाथियों के झुंड ने खेतों में लगी फसलों को भी बर्बाद कर दिया। स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक संजीव कुमार पांडे ने बताया कि हाथियों ने उनके खेत में लगी भिंडी, नेनुआ सहित कई सब्जियों को रौंद दिया। वहीं, सुशील पांडे के केले के बागान को भी नुकसान पहुंचाया गया। इस घटना से किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
घटना की सूचना मिलने के बाद बरही वन विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हुई। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तीन गश्ती वाहनों के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से रातभर अभियान चलाया गया और बुधवार सुबह हाथियों के झुंड को गांव से बाहर निकालकर जंगल की ओर खदेड़ा गया।
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के लगातार बढ़ते आतंक को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में आए दिन जंगली हाथियों के आने से लोगों की जान और संपत्ति को खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा कि हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और प्रभावित इलाकों में गश्त बढ़ाई जाएगी। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे हाथियों के नजदीक न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
हजारीबाग के बहराबाद में हुई इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की समस्या को उजागर कर दिया है। जंगलों से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच रहे हाथियों के कारण ग्रामीणों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब ग्रामीण प्रशासन से स्थायी समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।