धनबाद। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल को जल संरक्षण, टिकाऊ जल प्रबंधन और जल सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। रविवार को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में भारतीय पीएसयू की ओर से आयोजित राष्ट्रीय जल संगोष्ठी में उन्हें ‘फ्रंटलाइन लीडरशिप एक्सीलेंस अवार्ड’ और ‘राष्ट्रीय जल पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान BCCL में जल संरक्षण और उसके प्रभावी उपयोग की दिशा में किए गए प्रयासों के साथ-साथ ‘कोल नीर’ परियोजना को आगे बढ़ाने में मनोज कुमार अग्रवाल की नेतृत्वकारी भूमिका के लिए प्रदान किया गया। आयोजन में जल प्रबंधन, जल सुरक्षा और उद्योगों में टिकाऊ जल उपयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
‘कोल नीर’ परियोजना को मिला महत्व
BCCL में ‘कोल नीर’ परियोजना को जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। यह परियोजना कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया लिमिटेड की ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ पहल का हिस्सा है।
इस पहल का उद्देश्य औद्योगिक गतिविधियों से निकलने वाले पानी को उपयोगी बनाना और जल संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देना है। कोल इंडिया की विभिन्न सहायक कंपनियों के माध्यम से इस परियोजना को जमीनी स्तर पर लागू किया जा रहा है।
BCCL की ओर से परियोजना को आगे बढ़ाने में नेतृत्व और जल संरक्षण को लेकर किए गए प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
जल सुरक्षा पर बढ़ता जोर
वर्तमान समय में जल संरक्षण और जल सुरक्षा को लेकर देशभर में विशेष जोर दिया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों में पानी की खपत कम करना, इस्तेमाल किए गए पानी का उपचार करना और उसे दोबारा उपयोग में लाना टिकाऊ विकास के महत्वपूर्ण हिस्से माने जाते हैं।
कोयला खनन जैसे क्षेत्रों में जल प्रबंधन की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। खनन गतिविधियों के दौरान निकलने वाले पानी को उचित तरीके से उपचारित कर उपयोगी बनाना न केवल जल संसाधनों पर दबाव कम करता है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने में भी मदद कर सकता है।
इसी संदर्भ में ‘कोल नीर’ जैसी परियोजनाओं को वेस्ट-टू-वेल्थ मॉडल से जोड़कर देखा जा रहा है।
नेतृत्व की भूमिका की सराहना
आयोजकों ने मनोज कुमार अग्रवाल की नेतृत्व क्षमता और BCCL में जल संरक्षण से जुड़ी पहलों को आगे बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। उन्हें दिए गए दोनों पुरस्कार जल प्रबंधन और जल सुरक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।
‘फ्रंटलाइन लीडरशिप एक्सीलेंस अवार्ड’ के माध्यम से जल संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में नेतृत्व की भूमिका को रेखांकित किया गया। वहीं, राष्ट्रीय जल पुरस्कार जल प्रबंधन के क्षेत्र में किए गए कार्यों के महत्व को दर्शाता है।
उद्योगों में टिकाऊ जल प्रबंधन की जरूरत
औद्योगिक विकास के साथ जल संसाधनों पर दबाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में उद्योगों के लिए पानी के जिम्मेदार और टिकाऊ इस्तेमाल की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, जल का पुनर्चक्रण, उपचारित पानी का दोबारा उपयोग और जल स्रोतों का संरक्षण भविष्य की औद्योगिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए।
कोयला क्षेत्र में भी कंपनियां पानी के बेहतर उपयोग और संरक्षण की दिशा में अलग-अलग परियोजनाओं पर काम कर रही हैं। BCCL में ‘कोल नीर’ परियोजना इसी प्रयास का एक उदाहरण है।
वेस्ट-टू-वेल्थ की दिशा में पहल
‘कोल नीर’ परियोजना की खासियत यह है कि इसमें अपशिष्ट या उपयोग के बाद बचे जल को संसाधन के रूप में देखने की अवधारणा पर जोर दिया गया है। इस तरह की पहल औद्योगिक अपशिष्ट के प्रबंधन के साथ-साथ जल संरक्षण के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाती है।
कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया की इस पहल को विभिन्न सहायक कंपनियों के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी को भी मजबूत करना है।
BCCL में इस परियोजना को गति देने के लिए किए गए प्रयासों को राष्ट्रीय संगोष्ठी में सम्मान मिलना कंपनी की जल प्रबंधन संबंधी पहलों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
राष्ट्रीय मंच पर BCCL की उपलब्धि
इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित राष्ट्रीय जल संगोष्ठी में देश के सार्वजनिक क्षेत्र और जल प्रबंधन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। इसी मंच पर BCCL के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल को दो पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
यह उपलब्धि BCCL के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे कंपनी की जल संरक्षण और पर्यावरणीय जिम्मेदारी से जुड़ी पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
भविष्य में जल संरक्षण पर और जोर
जल संकट और जल संसाधनों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए भविष्य में उद्योगों में जल संरक्षण की भूमिका और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में पानी के पुन: उपयोग और टिकाऊ जल प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाएं महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।
BCCL में ‘कोल नीर’ जैसी पहल के माध्यम से जल संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाने पर जोर है। मनोज कुमार अग्रवाल को मिले राष्ट्रीय सम्मान से कंपनी के इन प्रयासों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित होना न केवल BCCL के नेतृत्व की उपलब्धि है, बल्कि जल संरक्षण और टिकाऊ प्रबंधन को औद्योगिक गतिविधियों के साथ जोड़ने के प्रयासों को भी राष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान के रूप में देखा जा रहा है।