Jharkhand: भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप के 135वें संस्करण में इस बार झारखंड की राजधानी रांची को ऐतिहासिक जिम्मेदारी मिली है. पहली बार रांची को इस बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी का अवसर मिला है, जिससे राज्य के खेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है.
डूरंड कप 2026 के तहत रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में 26 जुलाई से 16 अगस्त तक लीग चरण के मुकाबले खेले जाएंगे. इसके साथ ही रांची को एक क्वार्टर फाइनल मैच की मेजबानी भी दी गई है, जो इस आयोजन को और भी खास बनाता है. इस दौरान देश-विदेश की कई मजबूत टीमें मैदान में उतरेंगी.
इस बार डूरंड कप का आयोजन कुल पांच शहरों—कोलकाता, रांची, इंफाल, गुवाहाटी और शिलांग में किया जाएगा. 24 टीमों की भागीदारी वाले इस टूर्नामेंट में रांची को पहली बार शामिल किया जाना शहर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
रांची में होने वाले मुकाबलों में इंडियन सुपर लीग (ISL) की टीम जमशेदपुर एफसी पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी. इसके अलावा स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली, भारतीय वायुसेना फुटबॉल टीम और श्रीलंका आर्म्ड फोर्सेज की डिफेंडर्स एफसी जैसी टीमें भी मैदान में उतरेंगी. इससे स्थानीय दर्शकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों का प्रदर्शन देखने का मौका मिलेगा.
बिरसा मुंडा स्टेडियम पहले भी कई बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी कर चुका है, लेकिन डूरंड कप जैसे ऐतिहासिक टूर्नामेंट का यहां होना रांची के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ देगा. खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस आयोजन से झारखंड में फुटबॉल को नई पहचान मिलेगी और युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा भी मिलेगी.
डूरंड कप 2026 का फाइनल मुकाबला 23 अगस्त को कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेला जाएगा. रांची में इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी से शहर की खेल छवि को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती मिलने की उम्मीद है.