जम्मू। जम्मू में पुलिस हिरासत में उत्तम चंद की मौत के मामले में प्रशासन और पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में चक्रोई चौकी प्रभारी विक्रम चौधरी और कांस्टेबल रिंकू को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, उत्तम चंद की मौत के दूसरे दिन भी उनके परिजन अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। परिवार का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे।

मंगलवार रात उत्तम चंद की मौत के बाद से ही मामले को लेकर इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। बुधवार सुबह से परिवार और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। परिवार ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी थीं। इनमें 20 लाख रुपये का मुआवजा, मृतक के भाई को एसपीओ की नौकरी और चक्रोई चौकी प्रभारी सहित पूरे स्टाफ के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग शामिल है।

दूसरे दिन भी धरने पर परिवार

उत्तम चंद की मौत के बाद बुधवार को उनके परिजनों ने धरना शुरू किया था, जो दूसरे दिन भी जारी रहा। परिजन मामले में जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि सिर्फ निलंबन की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

धरने के चलते इलाके में लोगों की भीड़ जुटी हुई है। स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। परिवार की मांगों को लेकर प्रशासन और पुलिस अधिकारी लगातार बातचीत का प्रयास कर रहे हैं, ताकि स्थिति को शांत कराया जा सके।

विधायक और पुलिस अधिकारियों ने की बातचीत

मामले को शांत कराने और परिवार को समझाने के लिए स्थानीय विधायक प्रो. घारू राम भगत भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों के साथ उन्होंने उत्तम चंद के परिजनों से बातचीत की और उनकी मांगों को सुना।

अधिकारियों की कोशिश है कि परिवार के साथ बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकाला जाए और धरना समाप्त कराया जा सके। हालांकि, परिजन अपनी मांगों पर कायम हैं और उनका कहना है कि मामले में स्पष्ट एवं कठोर कार्रवाई होने के बाद ही वे अपने अगले कदम पर विचार करेंगे।

मौके पर पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी बनी हुई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

चौकी प्रभारी और कांस्टेबल निलंबित

मामले में पुलिस विभाग की ओर से शुरुआती कार्रवाई के तहत चक्रोई चौकी प्रभारी विक्रम चौधरी और कांस्टेबल रिंकू को सस्पेंड किया गया है। इस कार्रवाई को पुलिस विभाग की ओर से मामले की गंभीरता को देखते हुए उठाया गया कदम माना जा रहा है।

हालांकि, मृतक के परिवार की मांग इससे आगे की है। परिवार ने चौकी प्रभारी समेत पूरे स्टाफ के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि मौत की परिस्थितियों की पूरी जांच होनी चाहिए और यदि किसी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

परिवार ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

उत्तम चंद के परिजनों ने बुधवार को प्रशासन के सामने तीन मांगें प्रमुखता से रखी थीं। पहली मांग 20 लाख रुपये का मुआवजा देने की है। दूसरी मांग मृतक के भाई को एसपीओ की नौकरी देने की है। तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण मांग चक्रोई चौकी प्रभारी समेत पूरे स्टाफ के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की है।

परिवार का कहना है कि उत्तम चंद की मौत ने उन्हें गहरा सदमा पहुंचाया है और परिवार के सामने आर्थिक तथा सामाजिक संकट भी खड़ा हो गया है। इसलिए सरकार को परिवार की मदद करनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें

पुलिस हिरासत में मौत का मामला होने के कारण इस घटना को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मौत की परिस्थितियों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और इसमें किन लोगों की भूमिका सामने आती है।

चौकी प्रभारी और कांस्टेबल का निलंबन शुरुआती प्रशासनिक कार्रवाई है। लेकिन परिवार हत्या का मामला दर्ज करने की मांग कर रहा है। ऐसे में जांच की रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

परिजनों की ओर से लगातार यह मांग की जा रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों को बख्शा न जाए। स्थानीय लोगों की नजर भी प्रशासन की अगली कार्रवाई पर बनी हुई है।

इलाके में तनाव, समाधान की कोशिश जारी

उत्तम चंद की मौत के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, स्थानीय विधायक और पुलिस अधिकारियों की ओर से परिवार से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ परिवार की शिकायतों को सुनना और मामले का समाधान निकालना है।

परिजनों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहने से साफ है कि वे अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं। निलंबन की कार्रवाई के बावजूद वे मुआवजे, नौकरी और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग पर जोर दे रहे हैं।

फिलहाल पूरा मामला प्रशासन और परिवार के बीच होने वाली बातचीत तथा जांच की दिशा पर निर्भर है। पुलिस विभाग की शुरुआती कार्रवाई के बाद अब परिवार को उम्मीद है कि मामले में आगे भी ठोस कदम उठाए जाएंगे। दूसरी ओर प्रशासन की कोशिश है कि बातचीत के जरिए परिवार को संतुष्ट किया जाए और विरोध प्रदर्शन को समाप्त कराया जा सके।

उत्तम चंद की पुलिस हिरासत में मौत ने एक बार फिर हिरासत में होने वाली मौतों और पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही से जुड़े सवालों को सामने ला दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या सामने आती हैं और दोषियों के खिलाफ किस स्तर तक कार्रवाई की जाती है।

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