बडगाम: जम्मू-कश्मीर के बडगाम में तेंदुए के हमले से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। जानकारी के मुताबिक आधी रात एक तेंदुआ भेड़ों के बाड़े में घुस गया और वहां मौजूद पशुओं पर हमला कर दिया। घटना में 16 भेड़ों की मौत और 17 के घायल होने की बात सामने आई है। सुबह जब पशुपालक बाड़े में पहुंचा तो बड़ी संख्या में भेड़ों को मृत और घायल देखकर उसके होश उड़ गए।

घटना के बाद आसपास के ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए। एक साथ इतनी भेड़ों के मारे जाने से पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों में अब इस बात का डर है कि तेंदुआ दोबारा आबादी वाले इलाके में आ सकता है।
आधी रात बाड़े में घुसा तेंदुआ
बताया जा रहा है कि रात के समय जब लोग अपने घरों में सो रहे थे, तभी तेंदुआ आबादी के पास पहुंच गया। इसके बाद वह भेड़ों के बाड़े में घुसा और एक के बाद एक पशुओं को अपना निशाना बनाया। हमले के दौरान कई भेड़ों को गंभीर चोटें आईं। सुबह बाड़े की स्थिति देखकर परिवार को घटना का पता चला। मृत भेड़ें अलग-अलग जगह पड़ी थीं, जबकि कई घायल अवस्था में थीं। इसके बाद संबंधित विभाग को घटना की सूचना दिए जाने की बात कही गई है।
पशुपालक को भारी नुकसान
भेड़ पालन ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में एक ही रात में बड़ी संख्या में पशुओं की मौत से प्रभावित परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। बडगाम में सरकारी भेड़ पालन विभाग पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य, दवाइयां, टीकाकरण और विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता उपलब्ध कराता है। ग्रामीणों की मांग है कि नुकसान का आकलन कर प्रभावित पशुपालक को नियमानुसार सहायता दी जाए। साथ ही तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखकर उसे आबादी से दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
हाल की घटनाओं से पहले ही दहशत
बडगाम में तेंदुए को लेकर चिंता पहले से बनी हुई है। हाल ही में ओमपोरा इलाके में पांच वर्षीय बच्ची की तेंदुए के हमले में मौत की खबर सामने आई थी। इसके बाद वन्यजीव विभाग ने लोगों को सुबह और शाम के समय विशेष सावधानी बरतने, बच्चों को अकेले बाहर नहीं भेजने और समूह में आवाजाही करने जैसी सलाह दी थी। वन्यजीव अधिकारियों ने क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि करते हुए लोगों को सतर्क रहने को कहा था। बडगाम के एक अन्य इलाके में एक तेंदुए को पकड़े जाने की भी सूचना सामने आई थी।
ग्रामीणों में खौफ
भेड़ों पर हुए ताजा हमले के बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। लोगों को डर है कि भोजन की तलाश में तेंदुआ फिर से पशुओं या इंसानों को निशाना बना सकता है। ग्रामीण चाहते हैं कि संवेदनशील इलाकों में वन्यजीव विभाग की गश्त बढ़ाई जाए और जरूरत के मुताबिक पिंजरे या कैमरे लगाए जाएं। फिलहाल 16 भेड़ों की मौत और 17 के घायल होने के आंकड़े की आधिकारिक स्वतंत्र पुष्टि बाकी है। घटना की विस्तृत जानकारी और विभागीय जांच सामने आने के बाद ही हमले से जुड़े सभी तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।
Tags: