जलती चिता के आसपास बहने लगा नदी का पानी अंतिम संस्कार के दौरान मचा हड़कंप
देविका ने दिखाया रौद्र रूप श्मशान घाट में घुसा पानी
ऊधमपुर: जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर में बारिश के बाद देविका नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से श्मशान घाट तक पानी पहुंच गया। इस दौरान वहां अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही थी। नदी में अचानक आए उफान से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। समय रहते लोगों के सुरक्षित स्थान की ओर हट जाने से बड़ा हादसा टल गया।
देविका नदी ऊधमपुर के लिए धार्मिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसके किनारे अंतिम संस्कार की परंपरा रही है। उपलब्ध स्रोतों में भी देविका के तट पर अंतिम संस्कार को धार्मिक महत्व दिए जाने का उल्लेख मिलता है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में बारिश के कारण नदी के पानी में तेजी से बढ़ोतरी हुई। श्मशान घाट नदी के करीब होने के कारण पानी वहां तक पहुंच गया। उस वक्त अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे लोगों को शुरुआत में हालात की गंभीरता का अंदाजा नहीं था लेकिन देखते ही देखते पानी बढ़ने लगा।
अंतिम संस्कार के बीच अचानक बढ़ा पानी
नदी का बहाव तेज होते ही वहां मौजूद लोगों ने सुरक्षित स्थान की तरफ जाना शुरू कर दिया। अंतिम संस्कार के दौरान अचानक पानी आने से कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। गनीमत रही कि समय रहते लोगों ने खतरे को भांप लिया और कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। घटना ने बरसात के दौरान नदी और नालों के आसपास अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के बाद नदी-नालों का जलस्तर कम समय में तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में किनारे स्थित घाटों और निचले इलाकों में मौजूद लोगों के लिए जोखिम बढ़ जाता है।
श्मशान घाट तक पानी पहुंचने से मची अफरा-तफरी
अचानक आए पानी के कारण श्मशान घाट का हिस्सा जलमग्न होने की स्थिति बन गई। वहां मौजूद लोगों को पीछे हटना पड़ा। घटना के दौरान किसी के तेज बहाव की चपेट में आने की पुष्टि नहीं हुई है। बारिश के मौसम में प्रशासन की ओर से आमतौर पर लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। खास तौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में ऊपरी इलाकों में हुई बारिश का असर निचले हिस्सों में अचानक बढ़े जलप्रवाह के रूप में दिखाई दे सकता है।
देविका नदी में आए इस उफान का घटनाक्रम इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि पानी उस समय श्मशान घाट तक पहुंचा जब वहां लोग अंतिम संस्कार के लिए मौजूद थे। समय रहते सतर्कता बरतने से हादसा टल गया। हालांकि ताजा वेब खोज में इस विशिष्ट घटना का विस्तृत आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं मिला है। इसलिए नदी के जलस्तर बारिश की मात्रा और मौके पर मौजूद लोगों की संख्या जैसे आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।