जम्मू: जम्मू शहर धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है। यहां स्थित प्राचीन शिव मंदिरों में से एक ऐसा मंदिर भी है, जहां भगवान शिव के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस मंदिर की खासियत यहां मौजूद 11 स्फटिक शिवलिंग हैं, जिन्हें काशी से लाया गया बताया जाता है। इसके अलावा मंदिर में लगी करीब एक क्विंटल वजन की विशाल घंटी भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है। जम्मू के इस प्राचीन शिव धाम में भगवान शिव की आराधना विशेष विधि से की जाती है। मंदिर की मान्यता और यहां मौजूद दुर्लभ शिवलिंग इसे अन्य मंदिरों से अलग बनाते हैं। भक्तों का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
स्फटिक शिवलिंग हैं मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता
मंदिर में स्थापित 11 स्फटिक शिवलिंग इसकी सबसे बड़ी पहचान हैं। स्फटिक से बने शिवलिंग को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि स्फटिक शिवलिंग की पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है। बताया जाता है कि इन शिवलिंगों को विशेष रूप से काशी से लाया गया था। यही वजह है कि यहां आने वाले श्रद्धालु इन शिवलिंगों के दर्शन को बेहद शुभ मानते हैं।
विशाल घंटी आकर्षण का केंद्र
मंदिर में लगी करीब एक क्विंटल वजन की विशाल घंटी भी लोगों का ध्यान आकर्षित करती है। मंदिर में प्रवेश करते ही श्रद्धालु इस घंटी को बजाकर भगवान शिव का स्मरण करते हैं। भारी आकार और पारंपरिक निर्माण के कारण यह घंटी मंदिर की खास पहचान बन चुकी है।
जम्मू की धार्मिक पहचान से जुड़ा मंदिर
जम्मू को मंदिरों का शहर भी कहा जाता है। यहां कई प्राचीन मंदिर मौजूद हैं, जो धार्मिक आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक महत्व भी रखते हैं। शिव भक्तों के लिए यह मंदिर विशेष श्रद्धा का केंद्र है। सावन और महाशिवरात्रि जैसे पर्वों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर में विशेष पूजा, अभिषेक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
आस्था और इतिहास का अनोखा संगम
यह मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं बल्कि जम्मू की धार्मिक विरासत का हिस्सा भी है। यहां मौजूद स्फटिक शिवलिंग, विशाल घंटी और प्राचीन परंपराएं इसे श्रद्धालुओं के लिए खास बनाती हैं। जम्मू आने वाले पर्यटक और भक्त इस मंदिर के दर्शन कर यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा और ऐतिहासिक महत्व को महसूस करते हैं।
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