Jammu.जम्मू: जम्मू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रतन लाल ने ड्रग्स की बढ़ती समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए युवा-केंद्रित शासन (Youth-centric governance) की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक बड़ा संकट बन चुकी है।

कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों और युवाओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान रतन लाल ने कहा कि आज का युवा वर्ग ही देश का भविष्य है और यदि उन्हें सही दिशा और अवसर दिए जाएँ, तो वे नशे जैसी समस्याओं के खिलाफ सबसे मजबूत ताकत बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या को केवल पुलिस कार्रवाई से खत्म नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए जागरूकता, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी को भी बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार और प्रशासन को ऐसी नीतियाँ बनानी चाहिए, जिनमें युवाओं को सीधे तौर पर शामिल किया जाए।
Jammu and Kashmir में नशे की समस्या को लेकर हाल के वर्षों में कई अभियान चलाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में ड्रग्स का नेटवर्क सक्रिय बताया जाता है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।
रतन लाल ने अपने संबोधन में कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में सही जानकारी मिल सके। साथ ही, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर युवाओं को सकारात्मक दिशा में प्रेरित किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बेरोजगारी भी कई बार युवाओं को गलत रास्तों की ओर धकेल देती है, इसलिए रोजगार के अवसर बढ़ाना भी नशा विरोधी रणनीति का अहम हिस्सा होना चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी इस बात पर सहमति जताई कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज, परिवार और शैक्षणिक संस्थानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
Jammu में इस विषय पर लगातार जागरूकता बढ़ रही है और कई संगठन युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न अभियान चला रहे हैं।
कुल मिलाकर, रतन लाल का यह बयान नशे की समस्या से निपटने के लिए एक समग्र और युवा-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि युवाओं को सही दिशा दी जाए, तो वे समाज को नशामुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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