राजौरी : जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में चिंता बढ़ गई है। जिले के उप-जिला कोटरंका के दूरदराज गांव गंदेयोग में एक ही परिवार के सात सदस्य अचानक बीमार पड़ गए। सभी मरीजों में उल्टी, दस्त और गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसे लक्षण पाए गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को गांव गंदेयोग में एक परिवार के सदस्यों की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। शुरुआत में परिवार के लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई। धीरे-धीरे अन्य सदस्यों में भी इसी तरह के लक्षण दिखाई देने लगे। एक साथ कई लोगों के बीमार पड़ने से परिवार और आसपास के लोगों में चिंता का माहौल बन गया।

ग्रामीणों ने तुरंत इसकी जानकारी स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों को दी और बीमार सभी सात लोगों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) खवास पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों की टीम ने मरीजों की प्राथमिक जांच की और उनका उपचार शुरू किया।

स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि मरीजों की स्थिति सामान्य नहीं है और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता है। इसके बाद सभी सात मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) एवं संबद्ध अस्पताल राजौरी रेफर कर दिया गया।

अधिकारियों के अनुसार, मरीजों में मुख्य रूप से उल्टी, दस्त और पेट से संबंधित समस्याओं के लक्षण पाए गए हैं। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि यह मामला फूड पॉइजनिंग से जुड़ा हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले पर नजर रखना शुरू कर दिया है। डॉक्टरों की टीम मरीजों की स्थिति की निगरानी कर रही है और उनके स्वास्थ्य संबंधी सभी जरूरी जांच कराई जा रही हैं। प्रशासन की ओर से भी घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जानकारी जुटाई जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही परिवार के इतने सदस्यों के एक साथ बीमार पड़ने से गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि आखिर बीमारी किस कारण से फैली।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, फूड पॉइजनिंग अक्सर दूषित भोजन या संक्रमित पानी के सेवन से होती है। गर्मी और बारिश के मौसम में भोजन के खराब होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और बासी या संदिग्ध खाद्य पदार्थों के सेवन से बचने की सलाह दी जाती है।

प्रशासन द्वारा यह भी पता लगाया जा रहा है कि परिवार ने हाल ही में क्या भोजन किया था और क्या किसी विशेष खाद्य सामग्री के सेवन के बाद सभी की तबीयत खराब हुई। इसके लिए परिवार के सदस्यों से जानकारी ली जा रही है।

गांव में स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियां बढ़ा दी गई हैं ताकि यदि अन्य लोगों में भी ऐसे लक्षण दिखाई दें तो उनका समय पर इलाज किया जा सके। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को उल्टी, दस्त, पेट दर्द या कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।

फिलहाल सभी सात मरीजों का इलाज GMC राजौरी में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच में जुटे हुए हैं ताकि बीमारी के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

Tags: