Jammu जम्मू: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को ऐलान किया कि जम्मू और कश्मीर के उधमपुर को रामबन जिले से जोड़ने वाले चेनानी-नाशरी हिस्से में मौजूदा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी टनल के पैरेलल एक नई दो-लेन ट्यूब टनल बनाने का प्रस्ताव केंद्रीय सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव को उधमपुर के लिए एक महत्वपूर्ण विकास कदम बताते हुए मंत्री ने केंद्रीय ट्रांसपोर्ट मंत्री नितिन गडकरी का धन्यवाद किया।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस नई टनल के निर्माण से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर बढ़ते ट्रैफिक लोड में उल्लेखनीय कमी आएगी और यात्री एवं माल वाहनों की आवाजाही आसान होगी। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) और परिवहन मंत्रालय (MoRTH) ने स्वीकार किया है और जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा।
मौजूदा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी टनल इस रूट पर ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए बनाई गई थी, लेकिन बढ़ते यातायात और वाहनों की संख्या के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। नई पैरेलल टनल बनने से यात्रा का समय घटेगा और सड़क पर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “हमारी प्राथमिकता है कि जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर सुरक्षित, तेज़ और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित हो। चेनानी-नाशरी सेक्शन पर यह नई दो-लेन टनल ट्रैफिक की भीड़ कम करने के साथ-साथ व्यापार और पर्यटन को भी लाभान्वित करेगी।”
इस प्रस्ताव के तहत नई टनल दो लेन की होगी और मौजूदा टनल के पैरेलल बनाई जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, टनल का निर्माण आधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों के अनुसार किया जाएगा, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत प्रतिक्रिया संभव हो सके।
स्थानीय व्यापारियों और यात्रियों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चेनानी-नाशरी रूट पर बढ़ती भीड़ और जाम की समस्या लगातार बढ़ रही थी। नई टनल के बनने से न सिर्फ यातायात की समस्या कम होगी, बल्कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस नई टनल के निर्माण से जम्मू और कश्मीर में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि परियोजना को जल्द ही डिजाइन और निर्माण चरण में लाया जाएगा और निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर यह पहल राज्य के विकास और यातायात की समस्याओं के समाधान में अहम मानी जा रही है। नई टनल के बनने के बाद यात्रियों के लिए यात्रा का समय घटेगा और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।