Pahalgam  :  पहलगाम :आतंकी हमले में मारे गए महाराष्ट्र के लोगों के परिजनों ने बुधवार को 'ऑपरेशन सिंदूर' का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार और भारतीय सशस्त्र बलों ने आतंकवादियों को सबक सिखाया है।
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पुणे के कौस्तुभ गणबोटे और संतोष जगदाले मारे गए थे।
पीड़ितों के परिजनों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की सराहना की।
कौस्तुभ गणबोटे के बेटे कुणाल गणबोटे ने कहा, "हम सभी इस तरह की कार्रवाई का इंतजार कर रहे थे।"
कुणाल ने कहा, "मुझे लगता है कि इस ऑपरेशन का नाम 'सिंदूर' उन महिलाओं के सम्मान में रखा गया है, जिन्होंने इस नृशंस हमले में अपने पतियों को खो दिया।"
संतोष जगदाले के परिजनों ने कहा कि यह दिवंगत आत्माओं के लिए एक सच्ची श्रद्धांजलि है।
जगदाले की पत्नी प्रगति ने कहा, "मैं आज के हवाई हमलों को 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम देने के लिए सरकार की आभारी हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारी भावनाओं को समझते हैं। आतंकवादियों ने मेरे पति को गोली मारकर हत्या कर दी। आज प्रधानमंत्री मोदी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए उन आतंकवादियों के ठिकानों पर हमला किया है, जो बहुत ही उचित है। उन्हें यह सबक सिखाना जरूरी था।" प्रगति ने कहा, "हम प्रधानमंत्री मोदी की बेटियां हैं और मुझे पता था कि वह कार्रवाई करेंगे।
मुझे यकीन था कि इसमें कुछ समय लगेगा, लेकिन वे हमला करेंगे।" जगदाले की बेटी असावरी जगदाले ने कहा, "आज मुझे ऐसा लग रहा है कि मेरे पिता को सरकार की ओर से सच्ची श्रद्धांजलि मिली है। 'मिशन' 15 दिनों में पूरा हो गया। मैं सरकार का शुक्रिया अदा करती हूं।" पहलगाम आतंकी हमले के बाद एक सैन्य अभियान में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया। रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "हमारी कार्रवाई केन्द्रित, नपी-तुली और गैर-बढ़ावा देने वाली रही है। किसी भी पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया है। भारत ने लक्ष्यों के चयन और निष्पादन के तरीके में काफी संयम दिखाया है।"
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