जम्मू: जम्मू संभाग के हीरानगर क्षेत्र में धान की फसल पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। खेतों में धान की पत्तियां सफेद पड़ने लगी हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों को डर है कि यदि समय रहते बीमारी या समस्या का समाधान नहीं किया गया तो उत्पादन पर बड़ा असर पड़ सकता है।
किसानों के अनुसार, धान की फसल में बालियां निकलने से पहले ही कई खेतों में पत्तियों का रंग बदलने लगा है। हरी-भरी दिखने वाली फसल अब कई जगह सफेद नजर आ रही है। इससे किसान आशंका जता रहे हैं कि फसल किसी रोग या कीट के प्रकोप की चपेट में आ सकती है।
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, धान की पत्तियों का सफेद होना कई कारणों से हो सकता है। इसमें पोषक तत्वों की कमी, रोग, कीट प्रकोप या मौसम में बदलाव जैसी स्थितियां शामिल हो सकती हैं। सही कारण का पता लगाने के लिए खेतों की जांच और नमूनों की जांच जरूरी होती है।
हीरानगर के किसानों का कहना है कि धान उनकी प्रमुख खरीफ फसल है और इस पर ही उनकी आय निर्भर करती है। यदि बीमारी तेजी से फैलती है तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कृषि विभाग से जल्द मौके पर पहुंचकर फसल की जांच और उचित सलाह देने की मांग की है।
कृषि विभाग की ओर से किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे बिना विशेषज्ञ की सलाह के किसी भी दवा का छिड़काव न करें। पहले फसल की स्थिति और बीमारी के कारण की पहचान करना जरूरी है, ताकि सही उपचार किया जा सके।
धान की फसल में इस तरह की समस्या को देखते हुए किसानों को खेतों की नियमित निगरानी करने, पानी प्रबंधन सही रखने और समय-समय पर फसल की जांच कराने की सलाह दी गई है। अगर समय रहते बीमारी पर नियंत्रण पा लिया जाता है तो फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है। फिलहाल हीरानगर क्षेत्र के किसान कृषि विभाग की कार्रवाई और विशेषज्ञों की सलाह का इंतजार कर रहे हैं।
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