श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (SKICC) में आयोजित Pashmina Annual Artisan Awards 2026 समारोह को संबोधित किया। यह कार्यक्रम Pashmeena Entrepreneurs Makers and Artisans (PEMA) Foundation की ओर से आयोजित किया गया। समारोह में पश्मीना क्षेत्र से जुड़े कारीगरों, उद्यमियों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों की भागीदारी रही। कार्यक्रम का उद्देश्य पश्मीना शिल्प से जुड़े कारीगरों के योगदान को पहचान देना और पारंपरिक कला को प्रोत्साहित करना रहा।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने समारोह में पश्मीना शिल्प की विरासत और इसे आगे बढ़ाने वाले कारीगरों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की पारंपरिक हस्तशिल्प कला क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पश्मीना अपनी गुणवत्ता और पारंपरिक कारीगरी के लिए देश-दुनिया में पहचान रखता है।
SKICC में आयोजित हुआ समारोह
श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में पश्मीना उद्योग से जुड़े कारीगरों और उद्यमियों को सम्मानित किया गया। पुरस्कार समारोह के जरिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले हस्तशिल्प क्षेत्र के लोगों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया। PEMA Foundation द्वारा आयोजित इस वार्षिक कार्यक्रम में पश्मीना के पारंपरिक उत्पादन, कारीगरों की भूमिका और इस क्षेत्र से जुड़े उद्यमों को बढ़ावा देने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
पश्मीना शिल्प जम्मू-कश्मीर की प्रसिद्ध हस्तकला परंपराओं में शामिल है। इससे जुड़े कारीगर पीढ़ियों से पारंपरिक तकनीकों के जरिए उत्पाद तैयार करते आ रहे हैं। ऐसे आयोजनों को स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों के लिए अपनी कला और उत्पादों को व्यापक मंच देने के अवसर के तौर पर देखा जाता है। समारोह के दौरान पुरस्कार प्राप्त करने वाले कारीगरों और प्रतिभागियों ने भी अपनी उपलब्धियों को साझा किया। कार्यक्रम ने पारंपरिक पश्मीना शिल्प को संरक्षित करने और नई पीढ़ी को इससे जोड़ने की दिशा में चर्चा का अवसर प्रदान किया।
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