Kargil दिवस पर राजनाथ बोले, दुश्मन की साजिशें जारी

Update: 2026-07-26 07:21 GMT

Kargil कारगिल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि 1999 के कारगिल संघर्ष के बाद से घुसपैठियों के "इरादे" नहीं बदले हैं और भारतीय सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए "पूरी तरह तैयार" है। शनिवार को द्रास में आयोजित 'शौर्य भोज' में सेना के जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया है और कोशिश यह है कि सेना को सबसे नए उपकरण और बेहतरीन ट्रेनिंग मिले। सिंह शनिवार शाम द्रास पहुंचे। वे यहां कारगिल युद्ध स्मारक पर आयोजित 'शौर्य संध्या' कार्यक्रम में शामिल हुए, जो कारगिल विजय दिवस की वर्षगांठ के मौके पर दो दिन तक चलने वाले कार्यक्रम का हिस्सा था।

कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई, 1999 को 'ऑपरेशन विजय' के सफल समापन की याद में मनाया जाता है। यह ऑपरेशन सेना ने कारगिल जिले में पाकिस्तानी सैनिकों के कब्जे वाले भारतीय इलाकों को वापस पाने के लिए शुरू किया था। उन्होंने पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा, "हमें याद रखना होगा कि आज भी चुनौतियां कम नहीं हुई हैं; घुसपैठियों के इरादे नहीं बदले हैं और आज भी वे प्रॉक्सी वॉर या घुसपैठ जैसे हथकंडे अपनाते हैं।"

सिंह ने कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि हमारी सेना ऐसी किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।" रक्षा मंत्री ने कहा कि यह "हमारी सदी है, आने वाला समय हमारा है" और 'आत्मनिर्भरता' पर जोर दिए जाने के कारण, "मुझे यकीन है कि भारतीय सशस्त्र बल दुनिया में सबसे बेहतरीन बनेंगे।"

अपने संबोधन में उन्होंने सशस्त्र बलों और सैनिकों की वीरता को भी सलाम किया। सिंह ने कहा, "आज हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं और सिर उठाकर जी रहे हैं, क्योंकि कारगिल में हमारे सैनिकों ने तापमान में भारी गिरावट और ऑक्सीजन के स्तर में कमी के बावजूद अपनी सतर्कता कम नहीं होने दी।" सिंह ने कहा कि इस मौके पर द्रास में उन्हें जो गर्व महसूस हो रहा है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि जब तक भारतीय सैनिकों में अदृश्य आंतरिक शक्ति और देशभक्ति की भावना है, "दुनिया की कोई भी ताकत भारत पर बुरी नजर डालने की हिम्मत नहीं करेगी।"

मंत्री ने कहा, "पिछले कुछ वर्षों में मुझे सेना की कई परंपराओं को करीब से देखने का मौका मिला है और उनमें से जो परंपरा दिल को सबसे ज्यादा छूती है, वह है 'बड़ा खाना'।" उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि यह एकमात्र ऐसा मौका होता है जब एक जवान और एक अधिकारी साथ बैठकर एक जैसा खाना खाते हैं, जो टीमवर्क की बेहतरीन भावना को दर्शाता है। सिंह ने कहा, "समाज की सीमाओं से ऊपर उठने की आपकी क्षमता ही आपकी असली ताकत है। और यही ताकत हमें कारगिल जैसी लड़ाइयाँ जीतने में सक्षम बनाती है।"

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