पुंछ। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं बरसी पर एक बार फिर राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराई है। उन्होंने कहा कि सात साल बीत जाने के बाद भी इस फैसले से जुड़े “घाव नहीं भरे हैं” और लोगों की भावनाओं को समझने की जरूरत है।
उमर अब्दुल्ला ने यह बयान पुंछ जिले में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। वह हाल ही में आई अचानक बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियों की ओर से चलाए जा रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया।
राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मांग लगातार उठाई जाती रही है और केंद्र सरकार से भी इस मुद्दे पर सकारात्मक कदम उठाने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य का दर्जा वापस दिया जाना जरूरी है। उनके मुताबिक, यह क्षेत्र के राजनीतिक और प्रशासनिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम होगा।
अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले पर टिप्पणी
अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के फैसले की सातवीं बरसी पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस निर्णय के बाद काफी बदलाव हुए हैं, लेकिन लोगों के मन में कई सवाल और भावनाएं अभी भी मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि समय बीतने के बावजूद इस मुद्दे से जुड़े प्रभाव पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। उन्होंने संकेत दिया कि राजनीतिक प्रक्रिया और लोगों के विश्वास को मजबूत करने के लिए संवाद जरूरी है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पुंछ में हाल ही में आई अचानक बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने पहुंचे थे। इस आपदा में जम्मू क्षेत्र में 25 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ था।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राहत कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों तक सहायता तेजी से पहुंचाई जाए और पुनर्वास कार्यों में किसी तरह की देरी न हो।
प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा
उमर अब्दुल्ला ने जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नुकसान का सही आकलन कर जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई जाए।
बाढ़ से जम्मू क्षेत्र में भारी नुकसान
हाल ही में आई अचानक बाढ़ ने जम्मू क्षेत्र के कई हिस्सों को प्रभावित किया था। भारी बारिश और जलभराव के कारण कई जगहों पर जनजीवन प्रभावित हुआ। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा और सार्वजनिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा।
प्रशासन की ओर से राहत अभियान चलाया गया और प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण का काम शुरू किया गया। मुख्यमंत्री ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से राहत कार्यों में तेजी लाने को कहा।
राजनीतिक हलकों में फिर चर्चा तेज
उमर अब्दुल्ला के बयान के बाद जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 और राज्य के दर्जे का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस लंबे समय से जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग करती रही है। पार्टी का कहना है कि राज्य का दर्जा क्षेत्र के लोगों के अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी है।
लोगों की भावनाओं का मुद्दा उठाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी केवल प्रशासन चलाना नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं और समस्याओं को समझना भी है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के विकास के साथ-साथ यहां के लोगों का विश्वास मजबूत करना भी जरूरी है।
उन्होंने बाढ़ राहत और पुनर्वास कार्यों को लेकर भी कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी।
कुल मिलाकर, अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं बरसी पर उमर अब्दुल्ला ने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराकर जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बार फिर इस मुद्दे को प्रमुखता से सामने ला दिया है। वहीं, पुंछ में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान उन्होंने राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज करने के निर्देश भी दिए।