J&K के कृषि संकट और राहत उपायों पर केंद्रित बैठक

Update: 2026-04-11 10:55 GMT
Jammu.जम्मू: जम्मू-कश्मीर के किसानों की समस्याओं और उनके कल्याण को लेकर भारत प्रिये ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह से अहम मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने कृषि संकट, किसान की आय में कमी और राज्य के ग्रामीण विकास पर विस्तार से चर्चा की। मुलाकात का मुख्य उद्देश्य था किसानों की वर्तमान स्थिति और उनकी दुर्दशा को केंद्र और राज्य सरकार तक पहुँचाने के उपाय ढूंढना। भारत प्रिये ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के किसान लगातार जलवायु परिवर्तन, बाजार की अनिश्चितता और उत्पादन लागत में वृद्धि जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
दिग्विजय सिंह ने इस अवसर पर कहा कि राज्य और केंद्र सरकार को मिलकर किसानों की आय बढ़ाने और उनके लिए दीर्घकालिक राहत योजनाओं को लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि सुधार, सशक्त वित्तीय सहायता और बाज़ार तक पहुँच बढ़ाना अत्यंत जरूरी है।
मुलाकात में दोनों नेताओं ने यह भी विचार किया कि कृषकों को आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई सुविधाएं और फसल बीमा योजनाओं के माध्यम से कैसे मदद की जा सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों के लिए प्रगतिशील और सस्टेनेबल कृषि मॉडल अपनाने की आवश्यकता है।
भारत प्रिये ने दिग्विजय सिंह को किसानों की समस्याओं की प्राथमिकता सूची भी सौंपा, जिसमें फसल की लागत, ऋण माफी, सिंचाई सुविधाएं और मंडी व्यवस्था जैसी मांगें शामिल थीं। उन्होंने कहा कि यह बैठक राज्य और केंद्र सरकार के बीच सहयोग बढ़ाने और नीति निर्माण में किसान हितों को शामिल करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
दिग्विजय सिंह ने आश्वस्त किया कि वे किसानों की समस्याओं को संसद और पार्टी नेतृत्व तक पहुँचाने में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण को लेकर सामूहिक प्रयास और नीति सुधार समय की मांग है।
इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने यह भी चर्चा की कि किसानों को कृषि उपज के बेहतर मूल्य दिलाने और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के उपाय अपनाए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आमदनी में सुधार और ग्रामीण क्षेत्र में समग्र विकास संभव होगा।
कुल मिलाकर, भारत प्रिये और दिग्विजय सिंह की यह बैठक जम्मू-कश्मीर के किसानों के कल्याण और कृषि सुधार के लिए रणनीतिक पहल का प्रतीक है। इससे यह स्पष्ट होता है कि किसानों की समस्याओं को दूर करने और उनके लिए प्रभावी योजनाएं लागू करने के लिए नेताओं और प्रशासन का समन्वित प्रयास जारी है।
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