जलापूर्ति में डिजिटल क्रांति अब फोन से कंट्रोल होंगे पंप
पानी की बर्बादी पर लगेगा ब्रेक
जम्मू: जम्मू शहर की जलापूर्ति व्यवस्था अब हाईटेक होने जा रही है। पानी की सप्लाई को बेहतर बनाने और पंपिंग सिस्टम की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित व्यवस्था अपनाने की तैयारी है। परियोजना पर करीब 5.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नई प्रणाली लागू होने के बाद अधिकारी मोबाइल के जरिए पंपों को ऑन-ऑफ करने के साथ उनकी स्थिति की निगरानी भी कर सकेंगे। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जलापूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और तकनीकी खराबी या अन्य समस्याओं की पहचान जल्द करना है। अभी कई जगह पंपों के संचालन और निगरानी के लिए कर्मचारियों को मौके पर पहुंचना पड़ता है। नई व्यवस्था में पंपिंग स्टेशनों को डिजिटल सिस्टम से जोड़कर रिमोट तरीके से नियंत्रित करने की सुविधा विकसित की जाएगी।
मोबाइल से कंट्रोल होंगे पंप
नई तकनीक की सबसे खास बात यह होगी कि संबंधित अधिकारी अपने मोबाइल या डिजिटल कंट्रोल सिस्टम से पंपों के संचालन पर नजर रख सकेंगे। आवश्यकता के अनुसार पंप को चालू या बंद किया जा सकेगा। इससे किसी पंप में खराबी आने या जलापूर्ति में समस्या होने पर तुरंत जानकारी मिलने और कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। ऑटोमेशन से पानी की सप्लाई का समय बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे कर्मचारियों को हर छोटे काम के लिए पंपिंग स्टेशन तक जाने की जरूरत कम होगी और संचालन में लगने वाले समय की भी बचत हो सकती है।
AI से होगी निगरानी
योजना में AI और स्मार्ट मॉनिटरिंग तकनीक का इस्तेमाल जलापूर्ति से जुड़े डेटा के विश्लेषण के लिए किया जा सकता है। सिस्टम पंपों के संचालन, पानी की मांग और अन्य तकनीकी संकेतकों पर नजर रखने में मदद करेगा। किसी असामान्य स्थिति का पता चलने पर अधिकारियों को अलर्ट मिलने की व्यवस्था भी विकसित की जा सकती है। इससे पानी की बर्बादी और बिजली की अनावश्यक खपत कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। पंपों को जरूरत के मुताबिक चलाने से ऊर्जा का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।
5.83 करोड़ रुपये होंगे खर्च
जम्मू की इस स्मार्ट जलापूर्ति परियोजना के लिए करीब 5.83 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस राशि से पंपिंग स्टेशनों में जरूरी उपकरण, ऑटोमेशन सिस्टम, सेंसर, संचार तकनीक और कंट्रोल व्यवस्था विकसित की जाएगी। परियोजना पूरी होने के बाद जलापूर्ति व्यवस्था की रियल टाइम निगरानी संभव होने की उम्मीद है। इससे अधिकारियों के पास यह जानकारी उपलब्ध रह सकेगी कि कौन सा पंप चल रहा है और कहां किसी तकनीकी समस्या की वजह से सप्लाई प्रभावित हो रही है।
लोगों को समय पर पानी मिलने की उम्मीद
जम्मू के कई इलाकों में गर्मियों के दौरान पानी की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में पंपिंग व्यवस्था में तकनीकी खराबी आने पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्मार्ट सिस्टम से खराबी की पहचान जल्दी होने पर मरम्मत और सप्लाई बहाल करने में लगने वाला समय कम किया जा सकता है। योजना सफलतापूर्वक लागू होने पर जम्मू की जलापूर्ति व्यवस्था अधिक डिजिटल और केंद्रीकृत हो जाएगी। हालांकि इसकी वास्तविक प्रभावशीलता परियोजना पूरी होने और सिस्टम के संचालन में आने के बाद ही स्पष्ट होगी।