मिशन युवा में जबरदस्त रिस्पॉन्स महिला आवेदनों में 76 फीसदी बढ़ोतरी
युवाओं और महिलाओं में बढ़ा मिशन युवा का क्रेज
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए चलाए जा रहे मिशन युवा ने रफ्तार पकड़ ली है। योजना के तहत आवेदनों में करीब 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं विभिन्न स्वरोजगार और उद्यमिता गतिविधियों के लिए 1,992 करोड़ रुपये के ऋण मंजूर किए जाने की जानकारी सामने आई है। खास बात यह है कि महिला आवेदकों की भागीदारी में करीब 76 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है।
मिशन युवा का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अपना व्यवसाय और रोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके तहत उद्यम शुरू करने के इच्छुक युवाओं को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
महिला आवेदनों में 76 प्रतिशत की तेजी
योजना के आंकड़ों में महिला भागीदारी में हुई वृद्धि को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महिला आवेदनों में 76 प्रतिशत की बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि स्वरोजगार और छोटे कारोबार को लेकर महिलाओं की दिलचस्पी बढ़ रही है। महिला उद्यमियों को स्थानीय स्तर पर व्यवसाय शुरू करने से परिवार की आय बढ़ाने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करने में भी मदद मिल सकती है। हस्तशिल्प, कृषि आधारित कारोबार, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन और सेवा क्षेत्र जैसे व्यवसायों में महिलाओं के लिए संभावनाएं मौजूद हैं।
1,992 करोड़ रुपये के ऋण मंजूर
मिशन युवा के तहत बड़ी संख्या में आए प्रस्तावों को वित्तीय सहायता से जोड़ने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 1,992 करोड़ रुपये तक के लोन मंजूर किए गए हैं। इससे नए उद्यम स्थापित करने और पहले से चल रहे छोटे कारोबारों का विस्तार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बैंकिंग और अन्य वित्तीय संस्थानों की भागीदारी इस योजना के लिए महत्वपूर्ण है। युवाओं को समय पर ऋण मिलने से वे मशीनरी खरीदने, दुकान या यूनिट स्थापित करने, कच्चा माल जुटाने और कारोबार की शुरुआती जरूरतें पूरी करने में सक्षम हो सकते हैं।
रोजगार पैदा करने पर फोकस
जम्मू-कश्मीर में पर्यटन, कृषि, बागवानी, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र रोजगार के प्रमुख स्रोत हैं। मिशन युवा के जरिए इन पारंपरिक क्षेत्रों के साथ नई तकनीक, डिजिटल सेवाओं और दूसरे उभरते क्षेत्रों में भी उद्यमिता को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। योजना का व्यापक उद्देश्य ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है जिसमें युवा अपने क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के आधार पर व्यवसाय शुरू कर सकें। सफल उद्यमी खुद रोजगार हासिल करने के साथ दूसरे लोगों को भी काम दे सकते हैं।
आवेदन बढ़ना सकारात्मक संकेत
आवेदनों में 37 प्रतिशत की वृद्धि को योजना के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि किसी भी स्वरोजगार योजना की सफलता केवल ऋण स्वीकृति पर निर्भर नहीं करती। लाभार्थियों को समय पर धन उपलब्ध होना, सही प्रशिक्षण, बाजार तक पहुंच और व्यवसाय शुरू होने के बाद मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण है। मिशन युवा के बढ़ते आंकड़ों से फिलहाल स्वरोजगार को लेकर सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। विशेष रूप से महिला आवेदनों में तेज वृद्धि और बड़ी राशि के ऋण मंजूर होने से आने वाले समय में स्थानीय स्तर पर नए उद्यम तथा रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।