जम्मू-कश्मीर सरकार का बड़ा फैसला, रिटायर्ड कर्मचारियों के परिवार को मिलेगा लाभ
जम्मू-कश्मीर: सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत देते हुए फैमिली पेंशन नियमों में अहम संशोधन किया है। नए प्रावधान के तहत अब किसी सरकारी कर्मचारी की सेवानिवृत्ति के बाद मृत्यु होने पर भी उसके आश्रित परिवार को बढ़ी हुई दर से फैमिली पेंशन का लाभ मिलेगा। यह सुविधा अधिकतम 7 साल तक या कर्मचारी की उस उम्र तक लागू रहेगी, जब वह जीवित होता तो 67 वर्ष की आयु पूरी करता।
वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, जम्मू-कश्मीर फैमिली पेंशन-कम-ग्रेच्युटी नियम, 1964 में बदलाव किया गया है। इस संशोधन का उद्देश्य उन परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देना है, जिन्हें रिटायरमेंट के बाद परिवार के मुखिया की मृत्यु होने पर अचानक वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
नए नियम के मुताबिक, यदि किसी सरकारी कर्मचारी की सेवानिवृत्ति के बाद मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को सामान्य फैमिली पेंशन की जगह बढ़ी हुई दर पर पेंशन दी जाएगी। यह लाभ मृत्यु की तारीख से सात वर्षों तक मिलेगा। हालांकि, अगर इस अवधि से पहले मृत कर्मचारी की संभावित उम्र 67 वर्ष पूरी हो जाती है तो उसी तारीख तक ही बढ़ी हुई पेंशन का लाभ दिया जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बढ़ी हुई फैमिली पेंशन की अवधि इन दोनों शर्तों में से जो भी अवधि कम होगी, उतनी ही होगी। यानी परिवार को सात साल से ज्यादा या कर्मचारी की 67 वर्ष की अनुमानित आयु के बाद यह अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा।
इस फैसले से पहले ऐसी स्थिति में कर्मचारी के निधन के बाद परिवार को तुरंत सामान्य दर वाली फैमिली पेंशन पर आना पड़ता था। इससे कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता था, खासकर उन मामलों में जहां कर्मचारी की सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद मृत्यु हो जाती थी। नए संशोधन से ऐसे परिवारों को लंबे समय तक वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने यह संशोधन उपराज्यपाल को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए जारी किया है। इसे जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा विनियम, खंड-द्वितीय की अनुसूची-15 में शामिल फैमिली पेंशन-कम-ग्रेच्युटी नियम, 1964 के नियम-20 के नोट-4 के तहत जोड़ा गया है।
अधिसूचना के अनुसार, यह संशोधित नियम राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से प्रभावी माना जाएगा। सरकार ने यह भी साफ किया है कि इसका लाभ सभी नए मामलों में दिया जाएगा। इसके अलावा, जिन मामलों का निपटारा अधिसूचना जारी होने तक नहीं हुआ है, उनका फैसला अब नए नियमों के आधार पर किया जाएगा।
हालांकि, जिन मामलों का पहले ही पुराने नियमों के तहत अंतिम निपटारा हो चुका है, उन्हें दोबारा नहीं खोला जाएगा। यानी संशोधन का लाभ केवल लंबित और भविष्य के मामलों पर लागू होगा।
सरकार के इस कदम को सेवानिवृत्त कर्मचारियों के परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। कई बार कर्मचारी नौकरी के लंबे कार्यकाल के बाद रिटायर होते हैं और उनकी मृत्यु के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो जाती है। ऐसे में बढ़ी हुई फैमिली पेंशन परिवार के लिए महत्वपूर्ण सहारा साबित हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर सरकार का यह निर्णय हजारों पेंशनभोगी परिवारों को सीधा लाभ पहुंचाएगा। इससे आश्रितों को अचानक आने वाले आर्थिक संकट से निपटने में मदद मिलेगी और उन्हें कुछ वर्षों तक अतिरिक्त वित्तीय सुरक्षा मिल सकेगी।