रियासी। प्रीगाबालिन टैबलेट के बढ़ते दुरुपयोग और कथित अवैध परिवहन के खिलाफ जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में तीन आरोपितों को गिरफ्तार करते हुए कुल 10,900 प्रीगाबालिन टैबलेट बरामद करने का दावा किया है। बरामद सभी टैबलेट 300 मिलीग्राम की हैं।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई जिले में नशीली और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद दवाओं की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

कटड़ा में नाका जांच के दौरान पहली बड़ी बरामदगी

पुलिस के मुताबिक, 18 अगस्त को कटड़ा के स्पोर्ट्स स्टेडियम के पास नाका जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस टीम ने ओल्ड बस स्टैंड की ओर जा रहे एक व्यक्ति को संदिग्ध परिस्थितियों में बैग के साथ रोका।

पुलिस ने जब बैग की तलाशी ली तो उसमें बड़ी संख्या में प्रीगाबालिन टैबलेट बरामद हुईं। जांच के दौरान 410 स्ट्रिप मिलीं। प्रत्येक स्ट्रिप में 10 टैबलेट थीं। इस तरह अकेले इस कार्रवाई में कुल 4,100 टैबलेट बरामद की गईं।

इसके बाद पुलिस ने संबंधित व्यक्ति को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक जांच में पुलिस को दवाओं की अवैध आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

तीन अलग-अलग मामलों में कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि कुल 10,900 टैबलेट की बरामदगी अलग-अलग मामलों में हुई है। इन मामलों में तीन आरोपितों को पकड़ा गया है। पुलिस अब इन आरोपितों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रीगाबालिन की इतनी बड़ी मात्रा उनके पास कैसे पहुंची।

जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। पुलिस संभावित सप्लायर, खरीदार और दवा की आपूर्ति से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

प्रीगाबालिन के दुरुपयोग को लेकर चिंता

प्रीगाबालिन एक चिकित्सकीय दवा है, जिसका इस्तेमाल डॉक्टरों की सलाह पर कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों के उपचार में किया जाता है। हालांकि, इसके गलत इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा एजेंसियां और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोग लगातार चिंता जताते रहे हैं।

दवा का बिना चिकित्सकीय सलाह या गलत तरीके से इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। इसी वजह से प्रीगाबालिन की अवैध खरीद-फरोख्त और परिवहन पर पुलिस की नजर बढ़ी है।

रियासी पुलिस की हालिया कार्रवाई को इसी व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।

सप्लाई चेन तक पहुंचने की कोशिश

पुलिस के लिए केवल टैबलेट की बरामदगी ही जांच का अंतिम लक्ष्य नहीं है। अधिकारियों का ध्यान अब इस बात पर है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवा आरोपितों तक किस माध्यम से पहुंची।

पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि क्या दवाएं किसी वैध मेडिकल सप्लाई चैनल से बाहर निकाली गईं या इन्हें किसी अन्य माध्यम से अवैध रूप से हासिल किया गया। इसके लिए संबंधित दस्तावेजों, मोबाइल फोन और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की जा सकती है।

पूछताछ के आधार पर पुलिस को इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।

कटड़ा में सुरक्षा और निगरानी बढ़ी

कटड़ा धार्मिक पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे क्षेत्र में दवाओं के अवैध परिवहन को लेकर पुलिस की सतर्कता विशेष महत्व रखती है।

स्पोर्ट्स स्टेडियम के पास की गई नाका जांच के दौरान बरामदगी से यह संकेत मिलता है कि पुलिस संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। वाहनों और पैदल आने-जाने वाले लोगों की जांच के दौरान संदिग्ध सामान की पहचान करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध दवाओं और नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

बरामदगी के बाद जांच आगे बढ़ी

10,900 टैबलेट की बरामदगी के बाद अब पुलिस के सामने आरोपितों के नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाने की चुनौती है। जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि बरामद दवाओं का इस्तेमाल या वितरण किस उद्देश्य से किया जाना था।

पुलिस आरोपितों के पिछले रिकॉर्ड और उनके संभावित संपर्कों की भी जांच कर सकती है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या आरोपित पहले भी इस तरह की दवाओं के परिवहन या बिक्री में शामिल रहे हैं।

अवैध दवा कारोबार पर सख्ती

रियासी पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि जिले में प्रीगाबालिन जैसी दवाओं के कथित अवैध परिवहन को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। एक ही अभियान के तहत अलग-अलग मामलों में तीन लोगों की गिरफ्तारी और 10,900 टैबलेट की बरामदगी को पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है। बरामद दवाओं के स्रोत और संभावित गंतव्य की जानकारी सामने आने के बाद इस नेटवर्क की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। साथ ही, पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि दवाओं का इस्तेमाल केवल चिकित्सकीय सलाह और निर्धारित तरीके से ही किया जाए तथा किसी भी संदिग्ध दवा कारोबार या अवैध परिवहन की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाए।

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