Khatana का NC सरकार पर तंज, आदिवासियों के अधिकारों पर उठाई चिंता

Update: 2026-05-02 12:47 GMT
Jammu.जम्मू: प्रदेश के वरिष्ठ राजनीतिक नेता खटाना ने हाल ही में आदिवासी समुदाय के लोगों के ज़मीन अधिकारों को लेकर NC सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और निर्णयों के कारण आदिवासी समुदाय लंबे समय से अपने प्राकृतिक और पारंपरिक अधिकारों से वंचित रह रहे हैं।
खटाना ने प्रेस वार्ता में कहा, "आदिवासी समाज को उनकी ज़मीन और संसाधनों से वंचित करना न केवल उनके अधिकारों का उल्लंघन है बल्कि यह सामाजिक अन्याय को भी बढ़ावा देता है। सरकार को तुरंत कदम उठाकर आदिवासी समुदाय के हितों की रक्षा करनी चाहिए।"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और प्रशासनिक कार्रवाईयों में पारदर्शिता की कमी है। खटाना ने कहा कि कई आदिवासी परिवारों को उनकी कानूनी ज़मीन से भी बेदखल किया जा रहा है और उनकी आवाज़ दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन तेज हो सकते हैं।
खटाना ने NC सरकार से तत्काल एक पारदर्शी जांच की मांग की और आदिवासी भूमि अधिकारों के संरक्षण के लिए विशेष कमेटी बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के लिए सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और उनके पारंपरिक अधिकारों को बहाल करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि आदिवासी समुदाय के भूमि अधिकारों का संरक्षण सामाजिक न्याय और समानता के लिए बेहद आवश्यक है। भारत में आदिवासी लोगों की जमीन उनके जीवन और आजीविका का मुख्य आधार होती है। ऐसे में सरकारी नीतियों में लापरवाही उनके सामाजिक और आर्थिक अस्तित्व पर गंभीर असर डाल सकती है।
खटाना ने अपने बयान में कहा कि आदिवासी समाज के लोग अपनी संस्कृति, परंपरा और जीवन शैली को बनाए रखने के लिए संवैधानिक रूप से सुरक्षित हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और नागरिक समाज से भी इस मुद्दे पर संवेदनशीलता और समर्थन की अपील की।
समाचार एजेंसियों और स्थानीय मीडिया से बातचीत के दौरान खटाना ने जोर देकर कहा कि आदिवासी समुदाय के हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने NC सरकार पर दबाव बनाने और कानूनी मार्ग से समाधान तलाशने की दिशा में कदम उठाने का आह्वान किया।
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