JAMMU.जम्मू: जम्मू में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता बढ़ती जा रही है। वरिष्ठ नेता संजय बारू ने हाल ही में इस परियोजना की धीमी प्रगति और सरकारी उदासीनता पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि जम्मू स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट योजनाओं और घोषणाओं के बावजूद अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रहा है, जिससे शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं पर असर पड़ रहा है।
संजय बारू ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना का उद्देश्य जम्मू को आधुनिक, सुविधाजनक और तकनीकी दृष्टि से सशक्त शहर बनाना था। लेकिन सरकारी उदासीनता, आवश्यक संसाधनों की कमी और परियोजना के क्रियान्वयन में देरी ने इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को स्मार्ट सिटी के लाभ अभी तक नहीं मिल पाए हैं।
उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में यातायात सुधार, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, स्वच्छता, जल आपूर्ति और ऊर्जा दक्षता जैसी कई योजनाएं प्रस्तावित थीं। लेकिन अधिकांश परियोजनाएं लंबित हैं या धीमी गति से चल रही हैं। संजय बारू ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की अपील की और कहा कि जनता को विकास की योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
संजय बारू ने यह भी कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना सिर्फ तकनीकी दृष्टि से सुधार नहीं है, बल्कि यह नागरिक जीवन की गुणवत्ता, रोजगार के अवसर और निवेश के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकारी उदासीनता जारी रही, तो जम्मू स्मार्ट सिटी योजना का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए समयबद्ध योजना, उचित बजट आवंटन और सक्रिय निगरानी जरूरी है। इसके बिना परियोजना में देरी और संसाधनों की बर्बादी होना निश्चित है। स्मार्ट सिटी परियोजना का सफल क्रियान्वयन शहर की आधुनिकता और नागरिक जीवन को सीधे प्रभावित करता है।
संजय बारू ने प्रशासन से कहा कि नागरिकों की भागीदारी, पारदर्शिता और नियमित समीक्षा बैठकें परियोजना को गति देने में मदद करेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार को हर स्तर पर सक्रियता दिखानी होगी ताकि परियोजना की मूलभूत रूपरेखा का लाभ जल्द जनता तक पहुंचे।