जम्मू: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोली इलाके में CISF कैंप में हुई फायरिंग की घटना से जुड़ी तस्वीरें सामने आई हैं। इस घटना में चार जवानों की मौत हो गई। आरोप है कि 2009 बैच के हेड कॉन्स्टेबल एचसी अवधेश कुमार ने अपने ही साथी जवानों पर फायरिंग कर दी।
घटना के बाद CISF कैंप में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। फायरिंग की सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हेड कॉन्स्टेबल ने किन परिस्थितियों में अपने साथी जवानों पर गोलियां चलाईं।
घटना के पीछे किसी तरह का आपसी विवाद था या कोई अन्य कारण, इस बारे में अभी आधिकारिक तौर पर स्थिति साफ नहीं हुई है। जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। कैंप में मौजूद जवानों और अन्य संबंधित लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए CISF हेडक्वार्टर ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं। इस जांच के जरिए फायरिंग से पहले की परिस्थितियों, घटना के कारण और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। CISF के महानिदेशक भी पूरे घटनाक्रम की लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं। वरिष्ठ स्तर पर मामले की रिपोर्ट ली जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चार जवानों की मौत के बाद CISF यूनिट में शोक का माहौल है। घटना ने एक बार फिर सुरक्षा बलों के कैंप के भीतर होने वाली ऐसी घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि फायरिंग के वास्तविक कारण का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। सामने आई तस्वीरों में घटना के बाद कैंप और आसपास की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। फिलहाल अधिकारियों का पूरा ध्यान जांच पर है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसके बाद हेड कॉन्स्टेबल ने कथित तौर पर अपने ही साथियों पर फायरिंग कर दी।
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