Jammu जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास एक संदिग्ध ड्रोन बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। यह बरामदगी ऐसे समय में हुई है जब सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ की कोशिशों, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की घटनाओं को लेकर सुरक्षा बल पहले से ही अलर्ट पर हैं। ड्रोन मिलने के बाद पूरे इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बल नियमित गश्त और निगरानी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उन्हें नियंत्रण रेखा के निकट एक संदिग्ध ड्रोन दिखाई दिया। मौके पर पहुंचकर जवानों ने ड्रोन को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद क्षेत्र की घेराबंदी कर आसपास के इलाके की गहन तलाशी ली गई ताकि यह पता लगाया जा सके कि ड्रोन के जरिए कोई संदिग्ध सामग्री गिराई गई है या कोई घुसपैठ की कोशिश हुई है।
प्रारंभिक जांच में सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि ड्रोन किस स्थान से उड़ान भरकर आया था और उसका उद्देश्य क्या था। जांचकर्ता ड्रोन के तकनीकी उपकरण, जीपीएस डेटा, उड़ान मार्ग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक जानकारियों का विश्लेषण कर रहे हैं। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी, जासूसी, हथियार या मादक पदार्थ पहुंचाने अथवा किसी अन्य गतिविधि के लिए किया गया था। सीमावर्ती क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और नशीले पदार्थ भेजने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है। आधुनिक तकनीकों, एंटी-ड्रोन सिस्टम, रडार और विशेष निगरानी उपकरणों की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अखनूर सेक्टर रणनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। यहां नियंत्रण रेखा के आसपास सुरक्षा बल लगातार चौकसी बनाए रखते हैं ताकि किसी भी तरह की घुसपैठ या सीमा पार से होने वाली गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। ड्रोन मिलने की घटना के बाद स्थानीय सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र में सतर्कता और बढ़ा दी है। आसपास के गांवों में भी लोगों से अपील की गई है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी दें।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि बरामद ड्रोन की फोरेंसिक और तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इसके पीछे किसका हाथ था और इसका वास्तविक उद्देश्य क्या था। फिलहाल ड्रोन को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है और विभिन्न एजेंसियां मिलकर पूरे मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सीमा की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।