Srinagar श्रीनगर,  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), श्रीनगर ने स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से राजकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शालीमार, श्रीनगर में 'शिक्षा का अधिकार और बाल शोषण एवं नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम' पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। श्रीनगर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (डीएलएसए) तस्लीम आरिफ की अध्यक्षता और डीएलएसए श्रीनगर के उप-न्यायाधीश एवं सचिव सज्जाद उर रहमान की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में डीएलएसए श्रीनगर के छात्रों, शिक्षण कर्मचारियों और पीएलवी ने भाग लिया।
डीएलएसए श्रीनगर की पैनल वकील ने छात्रों को नाबालिगों को उपलब्ध कानूनी सुरक्षा और मादक द्रव्यों के सेवन के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग समाज के लिए एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि इसने पूरी पीढ़ी को अपनी चपेट में ले लिया है। इसलिए बच्चों पर कड़ी निगरानी रखना समय की मांग है, ताकि वे इस बुराई में शामिल न हों।
पैनल वकील ने छात्रों को संविधान के अनुच्छेद 21ए द्वारा प्रदत्त भारत में शिक्षा के अधिकार और 6-14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा सुनिश्चित करने वाले शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009 के बारे में भी जागरूक किया। इसके अलावा, उन्होंने बाल शोषण की रोकथाम के बारे में भी श्रोताओं को जागरूक किया।
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