Jammu and Kashmir जम्मू-कश्मीर: मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने ऐलान किया है कि राज्य में दरबार मूव (Darbar Move) फिर से शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक पुरानी परंपरा थी, जो कुछ समय पहले रोक दी गई थी। ओमर अब्दुल्ला ने कहा, “यह पुरानी परंपरा क्यों बंद कर दी गई थी? हमारी कैबिनेट ने दरबार मूव को बहाल करने का निर्णय लिया था। यह प्रस्ताव LG के पास भेजा गया, उन्होंने फाइल पर हस्ताक्षर करके इसे वापस कर दिया। आज मैंने सरकारी फाइल पर हस्ताक्षर कर इसे आधिकारिक रूप दे दिया है। दरबार मूव जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक प्रशासनिक परंपरा है, जिसमें राजधानी सर्दियों में जम्मू और गर्मियों में श्रीनगर में प्रशासनिक कार्यों को स्थानांतरित किया जाता था। 

यह प्रक्रिया राज्य में सरकारी कामकाज और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के लिए की जाती थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने यह निर्णय राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रथाओं को संरक्षित रखने के उद्देश्य से लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी। LG की मंजूरी के बाद मुख्यमंत्री ने सरकारी फाइल पर हस्ताक्षर कर इसे लागू कर दिया है। अब राज्य के अधिकारी और कर्मचारियों को आगामी सत्र में निर्धारित स्थानों पर कार्यभार संभालना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि दरबार मूव की बहाली से जम्मू और श्रीनगर दोनों क्षेत्रों में प्रशासनिक और आर्थिक गतिविधियों में सक्रियता आएगी। 

 वहीं, यह कर्मचारियों और आम जनता के लिए भी सुविधाजनक साबित होगी। CM ओमर अब्दुल्ला ने जनता से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक परंपरा का सम्मान करें और नए सत्र में सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सरकार इस प्रक्रिया को समयबद्ध और सुचारू रूप से लागू करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। इस तरह, जम्मू-कश्मीर में बंद हुई पुरानी परंपरा को फिर से बहाल कर दिया गया है, जो राज्य के प्रशासनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

Tags: