सत्य निकेतन हादसे में मौत को मात देकर लौटा जम्मू का लाल एम्स से डिस्चार्ज
नितिश चिब 55 घंटे बाद दिल्ली अस्पताल से डिस्चार्ज
जम्मू: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक इमारत हादसे में एक युवक ने मौत को मात दे दी। जम्मू के रहने वाले इस युवक को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया था। हादसे में उसके सिर और कंधे पर गंभीर चोटें आई थीं, लेकिन इलाज के बाद अब उसे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) से छुट्टी मिल गई है। सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया था। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान चलाकर कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया था। इस घटना में कई लोगों की जान भी चली गई थी।
मलबे में दबने के बाद भी नहीं हारी हिम्मत
हादसे के वक्त युवक इमारत के अंदर मौजूद था। अचानक इमारत के गिरने से वह मलबे में दब गया। बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसकी हालत को देखते हुए इलाज शुरू किया। सिर और कंधे में चोट होने के बावजूद उसकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ।
AIIMS में चला इलाज
घायल युवक को AIIMS ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज किया गया। स्वास्थ्य में सुधार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।परिजनों ने राहत की सांस ली और इसे नई जिंदगी मिलने जैसा बताया।
हादसे में गई कई लोगों की जान
सत्य निकेतन इमारत हादसे में कई लोग मलबे में फंस गए थे। बचाव अभियान के दौरान कई घायलों को बाहर निकाला गया, लेकिन कुछ लोगों को बचाया नहीं जा सका। हादसे में सात लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी। घटना के बाद प्रशासन ने जांच शुरू की और इमारत की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे।
परिवार और दोस्तों ने जताई खुशी
जम्मू के इस युवक के सुरक्षित बचने की खबर मिलने के बाद परिवार और परिचितों में खुशी का माहौल है। हादसे की भयावहता के बीच उसका जिंदा बचना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है। परिजनों ने इलाज करने वाले डॉक्टरों और बचाव दल का धन्यवाद किया।
हादसे के बाद सुरक्षा पर उठे सवाल
सत्य निकेतन हादसे ने राजधानी में पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से अब ऐसी इमारतों की जांच और सुरक्षा उपायों पर जोर दिया जा रहा है।