जम्मू-कश्मीर : राजनीति में बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। श्रीनगर से पार्टी के सांसद **आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी** ने लोकसभा सदस्यता और नेशनल कॉन्फ्रेंस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से वैचारिक मतभेदों को इसकी वजह बताया है।
आगा रुहुल्ला का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब पार्टी अध्यक्ष **डॉ. फारूक अब्दुल्ला** और उनके बीच पिछले कुछ समय से राजनीतिक मतभेद लगातार बढ़ रहे थे। फारूक अब्दुल्ला ने हाल ही में रुहुल्ला को चुनौती दी थी कि अगर उन्हें लगता है कि उनकी जीत व्यक्तिगत समर्थन से हुई है तो वह सांसद पद से इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़कर दिखाएं।
फारूक की चुनौती के बाद बढ़ा विवाद
नेशनल कॉन्फ्रेंस में विवाद उस समय ज्यादा गहरा गया जब फारूक अब्दुल्ला ने सार्वजनिक रूप से आगा रुहुल्ला से इस्तीफा देकर जनता के बीच जाने की बात कही। फारूक का कहना था कि चुनाव जीतने में पार्टी संगठन और कार्यकर्ताओं की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इसके बाद आगा रुहुल्ला ने भी संकेत दिए थे कि वह जल्द बड़ा फैसला ले सकते हैं। उन्होंने कहा था कि वह फारूक अब्दुल्ला की मांग को नजरअंदाज नहीं करेंगे और जल्द जवाब देंगे।
Article 370 और वादों को लेकर मतभेद
आगा रुहुल्ला लंबे समय से जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक अधिकारों और Article 370 की बहाली जैसे मुद्दों को लेकर मुखर रहे हैं। उनका आरोप है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने चुनाव के दौरान किए गए वादों पर अपेक्षित तरीके से काम नहीं किया।
रुहुल्ला का कहना है कि वह ऐसे राजनीतिक मंच का हिस्सा नहीं रहना चाहते जहां उन्हें जनता से किए गए वादों और अपने विचारों से समझौता करना पड़े। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर भरोसा तोड़ने का आरोप भी लगाया है।
कौन हैं आगा रुहुल्ला?
आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा माने जाते हैं। वह श्रीनगर लोकसभा सीट से सांसद हैं और 2024 के लोकसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार के तौर पर बड़ी जीत दर्ज की थी।
वह इससे पहले जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सदस्य और मंत्री भी रह चुके हैं। उनके परिवार की भी क्षेत्र की राजनीति और धार्मिक-सामाजिक क्षेत्र में मजबूत पकड़ रही है।
NC के लिए क्यों बड़ा झटका?
नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टियों में से एक है। पार्टी की कमान लंबे समय से फारूक अब्दुल्ला और उनके परिवार के हाथों में रही है।
ऐसे समय में जब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं, आगा रुहुल्ला जैसे बड़े नेता का अलग होना पार्टी के लिए चुनौती माना जा रहा है।
रुहुल्ला को पार्टी के भीतर एक लोकप्रिय और जनाधार वाले नेता के रूप में देखा जाता रहा है। उनके अलग होने से NC के समर्थक आधार और भविष्य की रणनीति पर असर पड़ सकता है।
इस्तीफे का ऐलान कब होगा?
रिपोर्टों के अनुसार, आगा रुहुल्ला ने कहा है कि वह अपने पिता आगा सैयद मेहदी की पुण्यतिथि के दिन औपचारिक रूप से इस्तीफा सौंपेंगे। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष और NC अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को इस्तीफा देने की बात कही है।
उन्होंने यह भी कहा है कि इस्तीफा देने से पहले वह अपने कुछ संसदीय कार्य पूरे करेंगे और जम्मू-कश्मीर के मुद्दों को लेकर आगे की राजनीतिक रणनीति पर काम करेंगे।
जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नए समीकरण
आगा रुहुल्ला के फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना है। अब सवाल यह है कि क्या वह स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में राजनीति जारी रखेंगे या कोई नया राजनीतिक मंच तैयार करेंगे।
वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के सामने भी यह चुनौती होगी कि पार्टी के अंदर बढ़ते मतभेदों को कैसे संभाला जाए और अपने पारंपरिक वोट बैंक को कैसे मजबूत रखा जाए।
फिलहाल आगा रुहुल्ला का इस्तीफा जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह टूट केवल एक नेता तक सीमित रहती है या इसका असर पार्टी के संगठन और चुनावी रणनीति पर भी पड़ता है।