मुजफ्फराबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में महंगाई, ईंधन की कीमतों और रोजगार के सीमित अवसरों को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंताएं सामने आ रही हैं। स्थानीय निवासी साद हमीद ने दावा किया है कि बढ़ती महंगाई और कमजोर पर्यटन गतिविधियों के कारण आम लोगों तथा छोटे कारोबारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने सरकारी नौकरियों और पर्यटन को क्षेत्र में रोजगार के प्रमुख साधन बताते हुए औद्योगिक अवसरों की कमी का मुद्दा भी उठाया है। हाल के महीनों में पाकिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बदलाव और PoJK में महंगाई व आर्थिक मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन भी रिपोर्ट किए गए हैं।साद हमीद ने मौजूदा परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि हालात लगातार मुश्किल होते जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कनेक्टिविटी से जुड़ी पाबंदियों और बढ़ती महंगाई का असर स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। उनके अनुसार पेट्रोल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने परिवहन और दैनिक जरूरतों से जुड़े खर्च को और प्रभावित किया है।
ईंधन की कीमतों ने बढ़ाया खर्च
पाकिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर तय की जाती हैं और सितंबर 2026 में भी कीमतों में बदलाव की खबरें सामने आई हैं। ईंधन की कीमत बढ़ने का असर केवल निजी वाहनों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि माल ढुलाई, सार्वजनिक परिवहन और बाजार तक वस्तुओं की पहुंच की लागत पर भी पड़ सकता है।पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण PoJK में परिवहन का विशेष महत्व है। ऐसे में ईंधन महंगा होने पर स्थानीय निवासियों और कारोबारियों के खर्च पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका रहती है।साद हमीद का कहना है कि पहले से महंगाई का सामना कर रहे लोगों के लिए पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी नई परेशानी बन गई है। उन्होंने इसे स्थानीय परिवारों के जीवनयापन की लागत से जोड़ते हुए चिंता जताई।
रोजगार के सीमित विकल्प का दावा
हमीद ने दावा किया कि PoJK में रोजगार के मुख्य स्रोत सरकारी नौकरियां और पर्यटन क्षेत्र हैं। उनके मुताबिक बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियों और कारखानों की कमी के कारण युवाओं के पास स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त विकल्प नहीं हैं।उन्होंने कहा कि यदि सरकारी क्षेत्र में नौकरी नहीं मिलती और पर्यटन गतिविधियां कमजोर रहती हैं तो स्थानीय युवाओं के सामने रोजगार तलाशना मुश्किल हो जाता है।PoJK की अर्थव्यवस्था में सार्वजनिक क्षेत्र, सेवाओं, छोटे व्यापार, कृषि, पर्यटन और विदेशों या पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में काम करने वाले लोगों से आने वाली रकम की भूमिका रही है। स्थानीय स्तर पर बड़े औद्योगिक आधार की कमी को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है।
कमजोर पर्यटन से कारोबार प्रभावित
पर्यटन क्षेत्र PoJK के कई इलाकों में होटल, गेस्ट हाउस, रेस्तरां, परिवहन और छोटे व्यापार से जुड़े लोगों के लिए आमदनी का साधन है। स्थानीय निवासी साद हमीद का दावा है कि पर्यटकों की आवाजाही कमजोर रहने के कारण पर्यटन पर निर्भर कारोबारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।पर्यटन में कमी का प्रभाव केवल होटल कारोबार तक सीमित नहीं रहता। स्थानीय टैक्सी चालक, दुकानदार, भोजनालय, गाइड और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों की आय भी पर्यटकों की संख्या पर निर्भर करती है।ऐसे में लंबे समय तक पर्यटन गतिविधियां कमजोर रहने पर छोटे कारोबारों की आमदनी और रोजगार दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
कनेक्टिविटी का मुद्दा भी उठाया
स्थानीय लोगों की चिंताओं में इंटरनेट और संचार व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी शामिल रहे हैं। क्षेत्र में विरोध-प्रदर्शनों या तनाव के दौरान मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदियां लगाए जाने की खबरें पहले भी सामने आई हैं। ऐसी पाबंदियां कारोबार, पढ़ाई और दैनिक संचार को प्रभावित कर सकती हैं।आज ऑनलाइन शिक्षा, बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और कारोबारी संपर्क के लिए इंटरनेट महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। इसलिए लंबे समय तक कनेक्टिविटी बाधित रहने पर इसका असर छात्रों और व्यापारियों पर अधिक दिखाई दे सकता है।हमीद ने भी मौजूदा परिस्थितियों का जिक्र करते हुए पाबंदियों को स्थानीय लोगों की परेशानी से जोड़ा।
छात्रों के लिए भी बढ़ती चुनौती
कनेक्टिविटी की समस्या का सीधा असर छात्रों पर पड़ सकता है। ऑनलाइन कक्षाएं, अध्ययन सामग्री, प्रवेश आवेदन, परीक्षा संबंधी जानकारी और रोजगार के लिए आवेदन जैसी कई प्रक्रियाएं अब इंटरनेट पर निर्भर हैं।यदि इंटरनेट सेवाएं बाधित रहती हैं तो छात्रों के लिए जरूरी जानकारी और शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंच कठिन हो सकती है। इसी तरह प्रतियोगी परीक्षाओं या दूसरे क्षेत्रों में रोजगार तलाश रहे युवाओं को भी ऑनलाइन आवेदन और संपर्क में समस्या हो सकती है।हालांकि पाबंदियों की अवधि और उनके प्रभाव अलग-अलग इलाकों में भिन्न हो सकते हैं, इसलिए स्थानीय निवासी के दावे को पूरे क्षेत्र की एक समान स्थिति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
महंगाई को लेकर पहले भी हुए प्रदर्शन
PoJK में जीवनयापन की लागत, बिजली दरों और अन्य आर्थिक मांगों को लेकर हाल के वर्षों में बड़े विरोध-प्रदर्शन हुए हैं। 2024 में आटा और बिजली की कीमतों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान सरकार ने क्षेत्र के लिए अरबों रुपये के सहायता पैकेज की घोषणा की थी।इसके बाद भी आर्थिक मांगों और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मुद्दों को लेकर समय-समय पर प्रदर्शन की खबरें आती रही हैं। सितंबर 2025 में भी अधिकारों और आर्थिक मुद्दों को लेकर बड़े प्रदर्शन हुए थे, जिनके दौरान संचार सेवाओं पर पाबंदियों की खबरें सामने आई थीं।
स्थानीय अर्थव्यवस्था पर दबाव की चिंता
साद हमीद के बयान स्थानीय स्तर पर रोजगार, पर्यटन और महंगाई को लेकर मौजूद चिंताओं को सामने रखते हैं। उनके आरोप और अनुभव एक स्थानीय निवासी का दृष्टिकोण हैं और सभी आर्थिक संकेतकों का स्वतंत्र आकलन नहीं हैं।फिर भी ईंधन की कीमत, पर्यटन गतिविधियों में कमजोरी और संचार सेवाओं में व्यवधान जैसे कारक एक साथ सामने आने पर छोटे कारोबारियों और कम आय वाले परिवारों पर दबाव बढ़ा सकते हैं।स्थानीय लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता रोजगार के स्थायी अवसरों को लेकर दिखाई देती है। यदि पर्यटन पर निर्भरता अधिक रहती है और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के पर्याप्त अवसर विकसित नहीं होते हैं तो किसी भी आर्थिक या राजनीतिक व्यवधान का असर आमदनी पर तेजी से पड़ सकता है।
फिलहाल PoJK में महंगाई और रोजगार को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताएं सामने आ रही हैं। साद हमीद का कहना है कि सरकारी नौकरी और पर्यटन पर अत्यधिक निर्भरता के बीच लोगों को रोजगार के नए विकल्पों की जरूरत है। साथ ही पर्यटन, परिवहन और कनेक्टिविटी सामान्य रहने को भी स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Tags: