जम्मू-कश्मीर में निर्माण कार्यों को मिलेगी राहत, एक जैसी होगी बिल्डिंग परमिशन फीस
सरकार का बड़ा फैसला, जम्मू-कश्मीर में बिल्डिंग अनुमति शुल्क में किया गया बदलाव
जम्मू : जम्मू-कश्मीर में भवन निर्माण से जुड़ी अनुमति प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र शासित प्रदेश में अब बिल्डिंग परमिशन फीस को एक समान करने की व्यवस्था लागू की जा रही है। सरकार ने इसके लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिससे भवन निर्माण की अनुमति लेने वाले लोगों को अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग शुल्क व्यवस्था से राहत मिलने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था का उद्देश्य बिल्डिंग परमिशन प्रक्रिया को आसान बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और ऑनलाइन माध्यम से आवेदन एवं स्वीकृति प्रणाली को मजबूत करना है। जम्मू-कश्मीर सरकार पहले ही भवन अनुमति प्रक्रिया को डिजिटल और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में कदम उठा चुकी है।
एक समान शुल्क व्यवस्था से मिलेगी राहत
अब तक अलग-अलग नगर निकायों और क्षेत्रों में भवन निर्माण अनुमति शुल्क को लेकर अंतर देखने को मिलता था। नई व्यवस्था के तहत शुल्क प्रणाली को अधिक स्पष्ट और एकरूप बनाने का प्रयास किया गया है।
सरकार का मानना है कि समान फीस व्यवस्था लागू होने से लोगों को आवेदन प्रक्रिया समझने में आसानी होगी और अनावश्यक भ्रम कम होगा।
ऑनलाइन बिल्डिंग परमिशन सिस्टम को बढ़ावा
जम्मू-कश्मीर का आवास एवं शहरी विकास विभाग भवन अनुमति प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ रहा है। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन, दस्तावेजों की जांच और अनुमति प्रक्रिया को अधिक तेज और पारदर्शी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
ऑटो स्क्रूटिनी आधारित सिस्टम के जरिए भवन नक्शों की जांच और नियमों के पालन की प्रक्रिया को भी बेहतर बनाया जा रहा है।
नई शुल्क दरें किन मामलों पर लागू होंगी?
नई फीस व्यवस्था में मुख्य रूप से इन श्रेणियों के भवनों को शामिल किया गया है:
आवासीय भवन निर्माण
पुराने भवनों का पुनर्निर्माण
भवनों में बदलाव या विस्तार
व्यावसायिक भवन निर्माण
अन्य श्रेणी के भवन
अलग-अलग श्रेणियों के लिए शुल्क भवन के प्रकार, क्षेत्रफल और लागू नियमों के अनुसार निर्धारित किया जाता है। स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी अधिसूचनाओं में संबंधित क्षेत्रों के लिए शुल्क विवरण उपलब्ध कराया जाता है।
नियमों के पालन पर रहेगा जोर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भवन निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन जरूरी होगा। बिना अनुमति निर्माण करने या नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
नई व्यवस्था से उम्मीद है कि अवैध निर्माण पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी और नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
आम लोगों और बिल्डरों को फायदा
नई समान शुल्क प्रणाली से आम नागरिकों, बिल्डरों और डेवलपर्स को भवन अनुमति लेने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। स्पष्ट नियम और डिजिटल प्रक्रिया से आवेदन निपटाने में तेजी आएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि एक समान शुल्क और ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था से भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी तथा निर्माण क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी।