New Delhi नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 21वीं किस्त अग्रिम रूप से जारी की। यह किस्त नई दिल्ली स्थित कृषि भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जारी की गई। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी, आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. मांगी लाल जाट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जम्मू-कश्मीर के कृषि मंत्री श्री जावेद अहमद डार, अन्य प्रतिनिधि, अधिकारी और किसान वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस किस्त के तहत 85,418 महिला किसानों सहित 8.55 लाख किसानों के बैंक खातों में 171 करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए हैं। इसके साथ ही, जम्मू-कश्मीर के किसानों को अब तक पीएम-किसान के तहत कुल 4,052 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त हो चुकी है।
इस अवसर पर बोलते हुए, केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों और लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने कहा, "हम यह सुनिश्चित करेंगे कि संकट की इस घड़ी में कोई भी किसान अकेला न रहे। पीएम-किसान योजना की यह किस्त उनकी तत्काल ज़रूरतों को पूरा करने में मदद करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।" मंत्री ने आगे कहा कि केंद्र विभिन्न योजनाओं और राहत उपायों के माध्यम से हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है और मौजूदा प्रावधानों के अनुसार आगे भी सहायता प्रदान की जाएगी।
सरकार के पुनर्वास उपायों पर प्रकाश डालते हुए, श्री चौहान ने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, लगभग 5,100 क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई-ग्रामीण) के तहत 85.62 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस पैकेज में शौचालय निर्माण के लिए वित्तीय सहायता और मनरेगा के तहत अतिरिक्त धनराशि शामिल है, जिससे परिवार अपने घरों का पुनर्निर्माण कर सकेंगे।
श्री चौहान ने आगे घोषणा की कि जम्मू-कश्मीर सरकार का प्रस्ताव प्राप्त होने पर प्रभावित परिवारों के लिए मनरेगा कार्यदिवस 100 से बढ़ाकर 150 दिन कर दिए जाएँगे, जिससे उन्हें अतिरिक्त आजीविका सहायता मिलेगी। केंद्रीय कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार कृषि गतिविधियों को पुनर्जीवित करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसमें बीज, उर्वरक और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना शामिल है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने 'जिसका खेत, उसकी रेत' नीति के तहत रेत की बिक्री की अनुमति दे दी है और जम्मू-कश्मीर सरकार के अनुरोध पर एनडीआरएफ के तहत अतिरिक्त धनराशि जारी की जा सकती है।
श्री चौहान ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत करते ही बीमित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत मुआवज़ा प्रदान किया जाएगा, जिससे प्रभावित किसानों के खातों में धनराशि का सीधा हस्तांतरण सुनिश्चित होगा। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और जम्मू-कश्मीर के कृषि मंत्री श्री जावेद अहमद डार ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और समय पर हस्तक्षेप के लिए केंद्र का आभार व्यक्त किया। उन्होंने श्री शिवराज सिंह चौहान को प्रभावित क्षेत्रों के उनके हालिया दौरे तथा राहत एवं पुनर्वास सुनिश्चित करने में उनके सक्रिय दृष्टिकोण के लिए धन्यवाद दिया।
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