JAMMU.जम्मू: जम्मू के ईंट भट्ठा उद्योग को इस वर्ष भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। भारी बारिश और कोयले की बढ़ती कीमतों के कारण उद्योग की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। इस संबंध में ब्रिक कारीगर उद्योग संघ (BKOA) ने चिंता व्यक्त की है और सरकार से राहत उपायों की मांग की है।
BKOA के अध्यक्ष ने बताया कि लगातार बारिश ने ईंट भट्ठों में उत्पादन को रोक दिया है। मिट्टी के भट्ठे भिगोने और सुकाने की प्रक्रिया में देरी होने से उत्पादन का स्तर पहले से काफी कम हो गया है। इसके अलावा, कोयले की बढ़ती कीमतों ने ईंधन लागत को बहुत बढ़ा दिया है, जिससे ईंटों का उत्पादन महंगा हो गया है।
अध्यक्ष ने कहा, “हमारा उद्योग मौसमी और कोयले पर आधारित है। इस समय भारी बारिश और कोयले की कीमतें बढ़ जाने से उद्योग मंदी की स्थिति में है। ईंटों की कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन मांग और उत्पादन संतुलन नहीं बना पा रहा।”
उद्योग में रोजगार भी इस स्थिति से प्रभावित हुआ है। कई कारीगर और मजदूर अस्थायी रूप से बेरोजगार हो गए हैं। BKOA ने सरकार से मांग की है कि कोयले की आपूर्ति में मदद और उद्योग के लिए वित्तीय राहत पैकेज प्रदान किया जाए ताकि उत्पादन फिर से सामान्य हो सके।
विशेष रूप से, संघ ने यह भी कहा कि मौसम और ईंधन लागत के कारण निर्माण क्षेत्र में ईंटों की कीमतें बढ़ रही हैं। इससे आम जनता और निर्माण परियोजनाओं पर भी असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द उपाय नहीं किए गए, तो उद्योग और रोजगार दोनों पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है।
BKOA ने प्रशासन से आग्रह किया कि सस्ता कोयला उपलब्ध कराया जाए, और भट्ठा मालिकों को उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक तकनीकी सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल उद्योग बच सकेगा, बल्कि रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलेगा।
अध्यक्ष ने अंत में कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि सरकार हमारी समस्याओं को समझेगी और ईंट भट्ठा उद्योग को बचाने के लिए ठोस कदम उठाएगी। यह उद्योग न केवल रोजगार का स्रोत है बल्कि जम्मू क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों का भी अहम हिस्सा है।”
अंततः, भारी बारिश और कोयले की बढ़ती कीमतों ने जम्मू के ईंट भट्ठा उद्योग को चुनौतीपूर्ण स्थिति में डाल दिया है। BKOA द्वारा उठाई गई मांगों के जवाब में प्रशासन की प्रतिक्रिया इस उद्योग के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।