ऊधमपुर। जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर-रियासी रेंज में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया है। खराब मौसम के दौरान भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क बाधित होने जैसी आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ऊधमपुर-रियासी रेंज के डीआइजी शिव कुमार शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस अधिकारियों, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने भारी बारिश के दौरान लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए।
डीआइजी ने कहा कि खराब मौसम में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस इकाइयों और नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT), रेस्क्यू टीम और आपदा राहत उपकरणों को पूरी तरह तैयार रखने को कहा गया है।
प्रशासन ने भूस्खलन और बाढ़ संभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील सड़कों, पुलों और नालों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती करने को कहा गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। अधिकारियों को लोगों की मदद के लिए हर समय तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के कारण सड़क संपर्क प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए डीआइजी ने यातायात व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बरतने को कहा। जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अधिकारियों को भी अलर्ट किया गया है। उन्हें भूस्खलन प्रभावित मार्गों से मलबा हटाने के लिए पर्याप्त मशीनरी उपलब्ध रखने और संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी जैसी भारी मशीनें पहले से तैनात रखने को कहा गया है, ताकि सड़क बाधित होने पर तुरंत बहाली का काम शुरू किया जा सके।
वहीं, ऊधमपुर के रामनगर उपमंडल में भी भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए मौसम एडवाइजरी जारी की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की चेतावनी के बाद लोगों से 20 से 23 जुलाई तक विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
रामनगर प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। नदियों, नालों और जल स्रोतों के पास जाने से परहेज करें। इसके अलावा जलभराव वाली सड़कों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों को पार करने का जोखिम न उठाने की अपील की गई है।
प्रशासन ने बिजली, स्वास्थ्य, जल शक्ति विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और पुलिस को भी हाई अलर्ट पर रखा है। अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
रामनगर प्रशासन की ओर से लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। आपात स्थिति में लोग तहसीलदार रामनगर, एसडीपीओ रामनगर, एसएचओ रामनगर, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) और इमरजेंसी नंबर 112 पर संपर्क कर सकते हैं।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपदा या खतरे की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। लगातार बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।