जम्मू-कश्मीर। बारामूला से सांसद इंजीनियर रशीद ने शुक्रवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर जम्मू-कश्मीर से जुड़े बुनियादी ढांचे और जन-कल्याण के कई मुद्दे उठाए। इस दौरान उन्होंने खास तौर पर फसल कटाई के मौसम में नेशनल हाईवे-44 (NH-44) पर फलों से लदे ट्रकों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष ग्रीन कॉरिडोर बनाए जाने की मांग की।
इंजीनियर रशीद इन दिनों अदालत की अनुमति के बाद संसद के मौजूदा सत्र में हिस्सा ले रहे हैं। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री के साथ हुई मुलाकात के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों से जुड़े विकास और परिवहन संबंधी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनकी पार्टी अवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) की ओर से जारी बयान के मुताबिक, बैठक में प्रदेश के बुनियादी ढांचे, सड़क संपर्क और आम लोगों की सुविधाओं से जुड़े कई विषयों पर चर्चा हुई।
फल उत्पादकों के लिए ग्रीन कॉरिडोर की मांग
बैठक में रशीद ने फसल कटाई के मौसम में जम्मू-कश्मीर से देश के विभिन्न हिस्सों में भेजे जाने वाले फलों की तेज और सुचारु ढुलाई पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि फल उत्पादकों के लिए समय पर बाजार तक पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण है। अगर फलों से लदे ट्रक लंबे समय तक जाम या यातायात प्रतिबंधों में फंसते हैं तो इससे किसानों और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हो सकता है।
इसी को देखते हुए उन्होंने NH-44 पर फलों से लदे ट्रकों के लिए विशेष ग्रीन कॉरिडोर बनाने का सुझाव दिया। इसका उद्देश्य यह होगा कि सेब और अन्य बागवानी उत्पादों से लदे वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा सके और वे बिना अनावश्यक देरी के जम्मू-कश्मीर से बाहर की मंडियों तक पहुंच सकें।
जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था में बागवानी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। खासकर कश्मीर घाटी में बड़ी संख्या में परिवार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से फल उत्पादन, पैकेजिंग, परिवहन और कारोबार से जुड़े हैं। ऐसे में फसल कटाई के मौसम में परिवहन व्यवस्था का सुचारु रहना किसानों की आय के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
NH-44 पर यातायात प्रबंधन पर जोर
नेशनल हाईवे-44 जम्मू-कश्मीर को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम संबंधी चुनौतियों के कारण इस मार्ग पर कई बार यातायात प्रभावित होता है। फसल कटाई के दौरान वाहनों की संख्या बढ़ने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
रशीद ने मंत्री के सामने इस बात को रखा कि फल उत्पादकों को परिवहन संबंधी बाधाओं से राहत देने के लिए पहले से एक विशेष व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए। ग्रीन कॉरिडोर के जरिए फलों से लदे ट्रकों की आवाजाही को प्राथमिकता देने से परिवहन समय कम हो सकता है और जल्दी खराब होने वाले उत्पादों को समय पर बाजार तक पहुंचाया जा सकता है।
किसानों और व्यापारियों को फायदा
फलों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कटाई के बाद उनकी जल्द से जल्द ढुलाई जरूरी होती है। लंबे समय तक ट्रकों के रास्ते में फंसे रहने से फल खराब होने की आशंका बढ़ जाती है। इससे किसानों को कम कीमत मिल सकती है और व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ऐसे में यदि फल लदे ट्रकों के लिए विशेष यातायात व्यवस्था लागू होती है तो इससे पूरी सप्लाई चेन को फायदा मिल सकता है। किसान अपनी उपज को बड़े बाजारों तक अपेक्षाकृत कम समय में पहुंचा सकेंगे। साथ ही, परिवहन में देरी के कारण होने वाली बर्बादी को भी कम किया जा सकता है।
जम्मू-कश्मीर के बुनियादी ढांचे के मुद्दे उठाए
AIP के बयान के मुताबिक, रशीद ने बैठक में केवल फल परिवहन से जुड़े मुद्दे तक अपनी बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याण से संबंधित कई महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रीय मंत्री का ध्यान आकर्षित किया।
उन्होंने सड़क संपर्क को मजबूत करने और जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे के विकास की जरूरत पर जोर दिया। पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों में बेहतर सड़क नेटवर्क स्थानीय लोगों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार और रोजगार जैसी सुविधाओं तक पहुंच आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
दूरदराज के इलाकों की कनेक्टिविटी अहम
जम्मू-कश्मीर में कई क्षेत्र भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण हैं। बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण कई बार सड़क संपर्क प्रभावित होता है। ऐसे में मजबूत सड़क नेटवर्क और बेहतर यातायात प्रबंधन स्थानीय लोगों के लिए जरूरी है।
सांसद रशीद की गडकरी के साथ मुलाकात को इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्र सरकार के स्तर पर सड़क परियोजनाओं और राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े मुद्दों को उठाने से संबंधित क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान का रास्ता खुल सकता है।
संसद सत्र में शामिल होने की अनुमति
इंजीनियर रशीद को अदालत ने संसद के मौजूदा सत्र में हिस्सा लेने की अनुमति दी है। इसी अनुमति के बाद वह संसद की कार्यवाही में भाग ले रहे हैं और विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर अपने संसदीय क्षेत्र तथा जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं।
गडकरी से उनकी मुलाकात भी इसी सिलसिले का हिस्सा रही। सांसद ने बुनियादी ढांचे से जुड़े विषयों को केंद्रीय स्तर पर उठाते हुए फल उत्पादकों और आम लोगों की समस्याओं के समाधान की मांग की।
ग्रीन कॉरिडोर पर फैसले का इंतजार
अब नजर इस बात पर रहेगी कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय फल कटाई के मौसम में NH-44 पर विशेष ग्रीन कॉरिडोर की मांग पर क्या कदम उठाता है। यदि ऐसी व्यवस्था लागू होती है तो इसका सीधा लाभ जम्मू-कश्मीर के फल उत्पादकों, ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों को मिल सकता है।
फिलहाल रशीद की ओर से उठाई गई मांग का मुख्य उद्देश्य फसल कटाई के महत्वपूर्ण मौसम में फलों की ढुलाई को प्राथमिकता देना है। जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था में बागवानी की अहम भूमिका को देखते हुए NH-44 पर सुचारु और समयबद्ध परिवहन व्यवस्था किसानों के लिए बड़ा राहत कदम साबित हो सकती है।