Solan: धागा मिल में मजदूर की मौत, परिजनों ने कंपनी गेट के सामने शव रखकर किया प्रदर्शन
Solan सोलन: बद्दी में एक धागा मिल में फोर्कलिफ्ट की चपेट में आने से कामगार की मौत का मामला इस कदर गरमा गया कि परिजनों ने मृतक के शव को उद्योग के गेट के सामने रखकर हिमाचल प्रदेश इंटक महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष विक्रम ठाकुर के नेतृत्व में घंटों धरना दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम नालागढ़ राजकुमार को मौके पर आना पड़ा। करीब 1 घंटे तक चली बैठक के बाद मामला शांत हुआ। मृतक के परिजनों को कुल 14 लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। ज्ञात हो कि बद्दी में एक धागा मिल में कार्यरत कामगार कंपनी के अंदर फोर्कलिफ्ट की चपेट में आने से घायल हो गया था।
घायल अवस्था में उसे पहले काठा स्थित ईएसआईसी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। यहां उपचार के दौरान उसी दिन उसकी मौत हो गई। बद्दी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शनिवार को नालागढ़ अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया और शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। मृतक श्रमिक दिनेश ठाकुर (45) बिहार राज्य के छपरा शिवान जिले के सैयापाली गांव का रहने वाला था। मृतक की पत्नी और उसके परिजनों ने कंपनी के गेट के सामने शव रखकर धरना शुरू कर दिया है।
प्रदर्शनकारी महिला को मुआवजा देने के साथ-साथ बच्चों के नाम पांच-पांच लाख रुपये की एफडी करने की मांग पर अड़े हैं। दिनेश ठाकुर पिछले कुछ महीनों से धागा उद्योग में ठेकेदार के पास काम कर रहा था। गुरुवार को वह कंपनी के अंदर ड्यूटी पर था। कंपनी परिसर में सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान पर गिराने वाला होलक्लिप्टर गलती से उसके ऊपर चढ़ गया, जिससे वह घायल हो गया। घायल अवस्था में दिनेश कुमार को पहले काठा अस्पताल ले जाया गया। वहां उसे होश आया। उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। पीजीआई में अचानक हृदय गति रुकने से उसकी मौत हो गई।
शुक्रवार को उसका शव पीजीआई से नालागढ़ अस्पताल लाया गया। देरी के कारण शुक्रवार को नालागढ़ में पोस्टमार्टम नहीं हो सका। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतक अपने पीछे पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे को छोड़ गया है। एएसपी अशोक वर्मा ने बताया कि पुलिस ने कंपनी के ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।