चंबा। हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा-2026 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा 25 अगस्त से शुरू होने जा रही है। यात्रा अवधि के दौरान हेली टैक्सी सेवाओं का संचालन 20 सितंबर तक प्रस्तावित है। प्रशासन की ओर से हेली सेवा को लेकर यात्रियों के लिए कई नियम और शर्तें निर्धारित की गई हैं, जिनका पालन करना सभी श्रद्धालुओं के लिए अनिवार्य होगा।
हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से उन श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो पैदल यात्रा करने में असमर्थ हैं या कम समय में मणिमहेश धाम पहुंचना चाहते हैं। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए हेली टैक्सी सेवा को महत्वपूर्ण सुविधा माना जा रहा है।
25 अगस्त से शुरू होगी सेवा
श्री मणिमहेश यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा 25 अगस्त से 20 सितंबर तक संचालित किए जाने का प्रस्ताव है। यात्रा अवधि में मौसम और प्रशासनिक परिस्थितियों के अनुसार हेली सेवा का संचालन किया जाएगा।
हेली टैक्सी के माध्यम से श्रद्धालु कठिन पहाड़ी रास्ते की लंबी यात्रा को कम समय में पूरा कर सकेंगे। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों और शारीरिक रूप से लंबी पैदल यात्रा करने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है।
हालांकि, पहाड़ी क्षेत्र में मौसम तेजी से बदलता है। इसलिए हेली सेवा का संचालन मौसम की स्थिति और संबंधित सुरक्षा मानकों पर भी निर्भर करेगा।
75 किलो से अधिक वजन पर अतिरिक्त शुल्क
हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ लेने वाले यात्रियों के लिए वजन संबंधी नियम भी निर्धारित किए गए हैं। यदि किसी यात्री का वजन 75 किलोग्राम से अधिक होता है तो उसे अतिरिक्त वजन के लिए अलग से शुल्क देना होगा।
निर्धारित सीमा से अधिक वजन पर 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। यह राशि यात्री को चेक-इन काउंटर पर जमा करनी होगी। ऐसे में यात्रियों को यात्रा के लिए रवाना होने से पहले अपने सामान और वजन से संबंधित नियमों की जानकारी रखने की सलाह दी गई है।
एक यात्री एक ही बैग ले जा सकेगा
हेली सेवा में सामान ले जाने को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। प्रत्येक यात्री को अधिकतम 5 किलोग्राम वजन का केवल एक बैग ले जाने की अनुमति होगी।
इससे अधिक सामान लेकर पहुंचने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है। इसलिए श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा के दौरान केवल आवश्यक सामान ही साथ रखें और निर्धारित वजन सीमा का पालन करें।
हेलीकॉप्टर में सीमित स्थान और सुरक्षा कारणों को देखते हुए सामान की सीमा निर्धारित की गई है। यात्रियों के लिए चेक-इन के दौरान सामान की जांच भी की जा सकती है।
दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों की यात्रा निश्शुल्क
छोटे बच्चों के साथ मणिमहेश यात्रा करने वाले परिवारों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। दो वर्ष से कम आयु के बच्चे अपने अभिभावक की गोद में निश्शुल्क हेलीकॉप्टर यात्रा कर सकेंगे।
इसके लिए अभिभावकों को बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर ही बच्चे की उम्र की पुष्टि की जाएगी। इसलिए ऐसे यात्रियों को यात्रा के समय आवश्यक दस्तावेज साथ रखने होंगे।
दो वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए यह सुविधा परिवारों के लिए आर्थिक रूप से राहत देने वाली होगी। हालांकि बच्चे की यात्रा अभिभावक की गोद में ही होगी।
हवाई फोटोग्राफी पर पूरी तरह प्रतिबंध
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हेलीकॉप्टर के भीतर और हेलीपैड पर हवाई फोटोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यात्रियों को हेलीकॉप्टर में यात्रा के दौरान या हेलीपैड पर फोटो और वीडियो बनाने से बचना होगा।
हेलीपैड क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था काफी महत्वपूर्ण होती है। हेलीकॉप्टर के उड़ान भरने और उतरने के दौरान आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। ऐसे में फोटोग्राफी या वीडियो बनाने की कोशिश से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
यात्रियों को हेलीपैड पर तैनात कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करना होगा।
मौसम पर निर्भर करेगी हेली सेवा
पहाड़ी इलाकों में मौसम का हेलीकॉप्टर संचालन पर सीधा प्रभाव पड़ता है। बारिश, तेज हवा, धुंध या अन्य प्रतिकूल मौसम की स्थिति में उड़ान प्रभावित हो सकती है। ऐसे में श्रद्धालुओं को हेली सेवा के संचालन के संबंध में जारी होने वाली सूचना पर ध्यान देना होगा।
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रतिकूल मौसम में उड़ान स्थगित की जा सकती है। इसलिए हेली सेवा से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले निर्धारित नियमों और संबंधित प्रशासनिक निर्देशों की जानकारी लेना जरूरी होगा।
श्रद्धालुओं को नियमों का पालन करने की अपील
श्री मणिमहेश यात्रा हिमाचल प्रदेश की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में शामिल है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु मणिमहेश झील और भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं का विशेष महत्व रहता है।
हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए एक वैकल्पिक और तेज परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। हालांकि सेवा का लाभ लेने वाले यात्रियों को वजन, सामान, दस्तावेज और फोटोग्राफी से जुड़े नियमों का पालन करना होगा।
विशेष रूप से 75 किलोग्राम से अधिक वजन वाले यात्रियों को अतिरिक्त शुल्क, जबकि सभी यात्रियों को अधिकतम पांच किलोग्राम के एक बैग की सीमा का ध्यान रखना होगा। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र साथ रखना आवश्यक होगा।
25 अगस्त से प्रस्तावित हेली टैक्सी सेवा के शुरू होने के साथ श्री मणिमहेश यात्रा-2026 में श्रद्धालुओं को एक महत्वपूर्ण सुविधा मिलने जा रही है। 20 सितंबर तक प्रस्तावित इस सेवा से यात्रा को आसान बनाने में मदद मिलेगी। प्रशासन और सेवा संचालकों के लिए भीड़ प्रबंधन, मौसम और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।